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    केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन के काफिले में हंगामा; धक्का-मुक्की के बाद 20 पर FIR

    Updated: Mon, 18 May 2026 01:16 PM (IST)

    मोहनपुर के गंभीरा गांव में विधायक ज्योति मांझी के काफिले के साथ सड़क पर वाहन साइड देने को लेकर विवाद हो गया। इस घटना में विधायक के अंगरक्षकों और उनके ...और पढ़ें

    काफिले में विवाद का दृश्‍य। वीडियो ग्रैब

    काफिले में विवाद का दृश्‍य। वीडियो ग्रैब

    HighLights

    1. विधायक ज्योति मांझी के काफिले से सड़क पर विवाद।

    2. वाहन साइड देने को लेकर हुई धक्का-मुक्की।

    3. सात नामजद समेत 20 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज।

    संवाद सूत्र, मोहनपुर (गया)। मोहनपुर थाना क्षेत्र के गंभीरा गांव में रविवार को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की समधन बाराचट्टी विधायक ज्‍योत‍ि मांझी के काफिले के साथ सड़क पर विवाद हो गया।

    देखते ही देखते मामला तनावपूर्ण हो गया। घटना को लेकर विधायक ने मोहनपुर थाना में लिखित आवेदन देकर सात नामजद समेत 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

    विधायक के आवेदन के अनुसार, वह बुमुआर पंचायत के गंभीरा गांव में आदर्शी समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने जा रही थीं।

    एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं व‍िधायक 

    इसी दौरान सड़क के बीच एक सवारी वाहन (बीआर02 एम-2542) खड़ा रहने से उनका काफिला रुक गया। सुरक्षा कर्मियों द्वारा वाहन हटाने का आग्रह किए जाने पर वहां मौजूद लोगों के साथ कहासुनी शुरू हो गई।

    आरोप है कि कुछ लोग अचानक उग्र हो गए और विधायक के अंगरक्षकों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। विधायक ने आवेदन में कहा है कि स्थिति बिगड़ती देख जब वह वाहन से उतरीं। 

    इसके बाद उनके साथ भी अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की गई। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    7 नामजद के ख‍िलाफ एफआईआर 

    विधायक वाहन में बैठकर लोगों को शांत कराने का प्रयास करती रहीं, लेकिन काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। विधायक ने सात स्थानीय लोगों को नामजद, जबकि 13 अन्य अज्ञात लोगों को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है।

    उन्होंने घटना का वीडियो फुटेज होने का दावा करते हुए उसे पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही है। सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया, जिसके बाद विधायक का काफिला सुरक्षित आगे बढ़ सका।

    पुलिस ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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