गया में सफाई व्यवस्था ठप, तीन दिन से नहीं उठा कचरा; हड़ताल पर अड़े नगर निगम कर्मी
गया नगर निगम के सफाईकर्मी और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे, जिससे शहर में कचरे का अंबार लग गया और सफाई व्यवस्था चरमरा गई। ...और पढ़ें

गया में प्रदर्शन करते निगम कर्मी। जागरण
HighLights
गया में सफाई कर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी।
शहर में कचरे का अंबार, सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप।
कर्मचारी स्थायी नियुक्ति और वेतनमान सहित कई मांगें कर रहे।
जागरण संवाददाता, गयाजी। राज्यव्यापी आह्वान के तहत गया नगर निगम के सफाई कर्मियों और कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही।
लगातार तीसरे दिन भी नगर निगम स्टोर से कचरा उठाने वाली एक भी गाड़ी नहीं निकली, जिससे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई।
सुबह हड़ताली कर्मियों ने नगर निगम स्टोर से स्टेशन रोड, बाटा मोड़, स्वराजपुरी रोड और काशीनाथ मोड़ होते हुए नगर निगम कार्यालय तक जुलूस निकाला।
सरकार पर साधा निशाना : डा. कुमार जितेंद्र
नगर निगम कार्यालय परिसर में सभा में आल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डाॅ. कुमार जितेंद्र ने कहा कि नगर निकाय कर्मी वर्षों से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
लेकिन सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी शहर को स्वच्छ रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
फिर भी उन्हें नियमित वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से वंचित रखा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब आर-पार की लड़ाई: संजीत सिंह
सभा में संजीत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। कई बार ज्ञापन और वार्ता के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र पहल नहीं की तो आंदोलन को पूरे राज्य में और व्यापक बनाया जाएगा।
जियालाल प्रसाद ने उठाई स्थायी नियुक्ति की मांग
जियालाल प्रसाद ने कहा कि नगर निकाय कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर स्थायी नियुक्ति दी जाए। उन्होंने नियमित वेतनमान, लंबित भुगतान, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों का तत्काल समाधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
सफाई कर्मी मिथुन राम ने बयां किया दर्द
सफाई कर्मी मिथुन राम ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी हर मौसम में शहर को साफ रखने के लिए जोखिम उठाते हैं, लेकिन उन्हें समय पर वेतन और आवश्यक सुविधाएं तक नहीं मिलतीं।
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उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी के कारण कर्मचारियों को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा है। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
तीन दिनों से नहीं उठा कचरा, बढ़ी लोगों की परेशानी
हड़ताल के कारण शहर के विभिन्न वार्डों, बाजारों और प्रमुख सड़कों पर कचरे का अंबार लग गया है। स्टेशन रोड, जीबी रोड, स्वराजपुरी रोड, टावर चौक और कई मोहल्लों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं।
बरसात के मौसम में गंदगी से दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने जल्द वार्ता कर हड़ताल समाप्त कराने की मांग की है।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में ठेका प्रथा समाप्त कर स्थायी नियुक्ति, नियमित वेतनमान, लंबित बकाया का भुगतान, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा शर्तों में सुधार शामिल हैं। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय आने तक आंदोलन जारी रहेगा।