गया की हल्दी में मिलावट का खुलासा, 40% नमूनों में तय मानक से अधिक मिला लेड
गया के पुरानी गोदाम बाजार में हल्दी की गुणवत्ता जांच में 40% नमूनों में मानक से अधिक सीसा (लेड) पाया गया। खाद्य संरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ ...और पढ़ें

गया की हल्दी में मिलावट का खुलासा, 40% नमूनों में तय मानक से अधिक सीसा
HighLights
पुरानी गोदाम की 40% हल्दी में मिलावट का खुलासा।
जांच में निर्धारित मानक से अधिक सीसा (लेड) मिला।
विभाग ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर चिंता जताई।
जागरण संवाददाता, गयाजी। शहर के प्रमुख मसाला बाजार पुरानी गोदाम में बिक रही हल्दी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा विभाग ने गंभीर चिंता जताई है। स्वास्थ्य विभाग, बिहार के खाद्य संरक्षा प्रकोष्ठ के सहयोग से प्योर अर्थ इंडिया एवं उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड द्वारा बुधवार को पुरानी गोदाम में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरेसेंस मशीन से हल्दी के नमूनों की जांच की गई, जिसमें 40 प्रतिशत हल्दी की गांठों में निर्धारित मानक से अधिक सीसा (लेड) पाया गया। यह स्थिति उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय मानी जा रही है।
अभियान में खाद्य संरक्षा विभाग के अभिहित पदाधिकारी मुकेश कश्यप, प्योर अर्थ इंडिया की कम्युनिकेशन डायरेक्टर जहरा काजमी, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर इमर्सिया शर्माइन, प्रोग्राम मैनेजर पोंशियन केरकेट्टा, उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड के निदेशक सौरभ समदर्शी सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे।
विशेषज्ञों ने व्यापारियों और विक्रेताओं को बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मानकों के अनुसार हल्दी में सीसा (लेड) की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा 10 माइक्रोग्राम प्रति ग्राम निर्धारित है।
इससे अधिक मात्रा शरीर में पहुंचने पर बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास, तंत्रिका तंत्र, किडनी तथा अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
मौके पर की गई जांच में कुछ हल्दी के नमूनों में सीसा की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक मिली। हालांकि 60 प्रतिशत हल्दी की गांठें सुरक्षित पाई गईं। अधिकारियों ने व्यापारियों को सलाह दी कि वे केवल विश्वसनीय एवं प्रमाणित स्रोतों से ही हल्दी की खरीद करें तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बाद ही उसकी बिक्री करें।
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खाद्य संरक्षा विभाग के अभिहित पदाधिकारी मुकेश कश्यप ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण एवं जांच अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे। अभियान के अंत में सभी व्यापारियों एवं विक्रेताओं ने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में सीसा युक्त अथवा संदिग्ध गुणवत्ता वाली हल्दी और अन्य खाद्य उत्पादों का क्रय-विक्रय नहीं करेंगे तथा सुरक्षित और मानक अनुरूप खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में खाद्य संरक्षा विभाग का पूरा सहयोग करेंगे।
खाद्य विभाग ने आम लोगों से भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता और विश्वसनीय स्रोत का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।