गयाजी में पितृपक्ष से पहले गदालोल सरोवर का कायाकल्प, पिंडदानियों को मिलेगी नई सुविधा
गया के प्राचीन गदालोल सरोवर का नगर निगम द्वारा 70 लाख की लागत से सुंदरीकरण किया जा रहा है, ताकि पितृपक्ष में पिंडदानियों को बेहतर सुविधा मिल सके। ...और पढ़ें

गयाजी में पितृपक्ष से पहले गदालोल सरोवर का कायाकल्प, पिंडदानियों को मिलेगी नई सुविधा

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जागरण संवाददाता, गयाजी। गयाजी अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हर दिन देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की आस्था का केंद्र बना रहता है। यहां अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति की कामना लेकर बड़ी संख्या में पिंडदानी पहुंचते हैं और विभिन्न पिंडवेदियों पर विधि-विधान से कर्मकांड संपन्न करते हैं।
इसी क्रम में शहर का प्राचीन गदालोल सरोवर एक बार फिर चर्चा में है। जहां नगर निगम द्वारा सुंदरीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है, ताकि आगामी पितृपक्ष में पिंडदानियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
गदालोल सरोवर जो प्रमुख पिंडवेदियों में शामिल है। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रहा है। अतिक्रमण और नालों के गिरने से सरोवर का पानी प्रदूषित हो गया था, जिससे श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती थी। अब नगर निगम ने जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत इस सरोवर के सुंदरीकरण का कार्य शुरू किया है। जिससे इसकी प्राचीन गरिमा लौटने की उम्मीद जगी है।
गयापाल पुरोहित महेश लाल गुपुत का कहना है कि गदालोल सरोवर का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष है। मान्यता है कि भगवान श्रीहरि विष्णुपद ने हेती नामक दानव का वध करने के बाद अपनी गदा को इसी सरोवर में धोया था, जिसके कारण इसका नाम गदालोल पड़ा।
पितृपक्ष के दौरान यहां 12 दिन पिंडदान का विशेष विधान है। पहले पिंडदानी इधर-उधर बैठकर कर्मकांड करते थे, लेकिन अब सरोवर के सुंदरीकरण के बाद उन्हें व्यवस्थित घाट और बैठने की सुविधा मिलेगी, जिससे पिंडदान करना अधिक सुगम होगा।
आधा सरोवर होगा विकसित, शेष कार्य जारी
नगर निगम द्वारा गदालोल सरोवर के सुंदरीकरण का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में सरोवर के आधे हिस्से का विकास किया जा रहा है। जिसमें लगभग दो हजार फीट क्षेत्र में घाट और पाथवे का निर्माण शामिल है।
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निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और उम्मीद जताई जा रही है कि पितृपक्ष से पहले इसका पहला चरण पूरा कर लिया जाएगा। दूसरे चरण में शेष हिस्से का भी सुंदरीकरण किया जाएगा। जिससे पूरा सरोवर एक सुव्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप में नजर आएगा।
70 लाख की लागत से संवर रहा आस्था का केंद्र
इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 70 लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है। जल-जीवन-हरियाली योजना के अंतर्गत किए जा रहे इस कार्य का उद्देश्य न केवल सरोवर का सौंदर्य बढ़ाना है, बल्कि पिंडदानियों को स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करना भी है।
कार्य पूरा होने के बाद पिंडदानियों को बैठने, तर्पण करने और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। क्योंकि पितृपक्ष के दौरान गयाजी में लाखों की संख्या तीर्थयात्रियों का आगमन होता है।
गदालोल सरोवर के सुंदरीकरण का काम जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत किया जा रहा है। आधा भाग का सुंदरीकरण किया पहले चरण किया जा रहा है। दूसरे चरण में शेष भाग का सुंदरीकरण का काम किया जाएगा। पितृपक्ष तक आधा भाग का सुंदरीकरण का काम पूरा हो जाएगा। - राकेश कुमार, कार्यपालक अभियंता, नगर निगम