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    महाबोधि मंदिर से गूंजी तिब्बत की आजादी की आवाज, भारत से नैतिक समर्थन की अपील

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 10:10 PM (GMT+05:30)

    तिब्बती समुदाय ने बोधगया के महाबोधि मंदिर के बाहर तिब्बत के मुद्दों और मानवाधिकारों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने भारत सरकार से नैत ...और पढ़ें

    भारत के प्रति जताया आभार

    भारत के प्रति जताया आभार

    HighLights

    1. महाबोधि मंदिर के बाहर तिब्बती समुदाय का शांतिपूर्ण प्रदर्शन।

    2. भारत सरकार से तिब्बत के मुद्दों पर नैतिक समर्थन की अपील।

    3. भारत को शरण, सम्मान और सुरक्षा देने के लिए आभार।

    संवाद सूत्र, बोधगया(गयाजी)। विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर के बाहर मंगलवार को तिब्बती समुदाय के लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से तिब्बत से जुड़े मुद्दों और मानवाधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।

    कार्यक्रम के दौरान समुदाय के प्रतिनिधियों ने तिब्बती लोगों के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए भारत सरकार से नैतिक समर्थन की अपील की।

    इस दौरान प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और तिब्बत में शांति एवं स्थिरता की कामना की।

    महाबोधि मंदिर के बाहर आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय तिब्बती समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

    भारत के प्रति जताया आभार

    बोधगया में रह रही तिब्बती समाजसेवी आनी गायेंग ने भारत सरकार और भारतीय समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।

    उन्होंने कहा कि भारत ने वर्षों से तिब्बती समुदाय को शरण, सम्मान और सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भारत और तिब्बती समुदाय के बीच आपसी सहयोग और सद्भाव का संबंध लंबे समय से बना हुआ है।

    कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस संबंध को और मजबूत बनाने की जरूरत पर भी बल दिया।

    शांति और स्थिरता पर दिया गया जोर

    कार्यक्रम में वक्ताओं ने हिमालयी क्षेत्र में शांति और स्थिरता के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शांति और सहयोग सभी देशों और समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है।

    इस दौरान भारत-तिब्बत मित्रता और आपसी सद्भाव की कामना की गई। प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    लोबसांग रंगजेन को दी श्रद्धांजलि

    कार्यक्रम के अंत में न्यूयॉर्क में आत्मदाह करने वाले लोबसांग रंगजेन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने उन्हें याद करते हुए मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

    आयोजकों ने कार्यक्रम को पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित बताया। महाबोधि मंदिर परिसर के बाहर आयोजित यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।