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    नेपाल में भारी बारिश से गंडक उफान पर! छोड़ा 203000 लाख क्यूसेक पानी, बिहार में अलर्ट

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 07:29 PM (IST)

    नेपाल में भारी बारिश के बाद वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 2.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे गोपालगंज में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्र ...और पढ़ें

    HighLights

    1. नेपाल में भारी बारिश से गंडक नदी में जलस्तर बढ़ा।

    2. वाल्मीकिनगर बराज से 2.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

    3. गोपालगंज में प्रशासन ने तटबंधों पर निगरानी तेज की।

    जागरण संवाददाता, गोपालगंज। नेपाल में हुई लगातार बारिश के बाद बाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है। मंगलवार की शाम चार बजे बराज से छोड़े गए पानी की मात्रा 2.03 लाख क्यूसेक तक पहुंच गई। इसके कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है।

    जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। सारण तटबंध से लेकर राजस्व छरकियों तक निगरानी तेज कर दी गई है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी लगातार तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं।

    बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

    नदी में पानी का डिस्चार्ज लेबल बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष निगरानी की जा रही है।

    बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी संवेदनशील स्थानों पर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सारण तटबंध सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

    नेपाल में बारिश के बाद बढ़ा नदी में पानी का प्रवाह

    नेपाल में हुई वर्षा के कारण सोमवार रात से ही गंडक नदी में पानी का प्रवाह बढ़ने लगा था। इसके बाद प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ाने का निर्देश जारी कर दिया।

    गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों के लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज करने को कहा है।

    13 पंचायतों के 36 गांवों पर पड़ सकता है असर

    गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से सदर प्रखंड के अलावा मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड प्रभावित हो सकते हैं।

    नदी के आसपास स्थित 13 पंचायतों के 36 गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है। स्थानीय स्तर पर भी लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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    बीडीओ और सीओ को हर पल सतर्क रहने के निर्देश

    बाढ़ नियंत्रण विभाग ने तटबंधों की निगरानी के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। जिले के छह प्रखंडों के अंचल अधिकारियों (सीओ) को तटबंधों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।

    बीडीओ और सीओ को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक टीमों को संवेदनशील इलाकों में नजर बनाए रखने को कहा गया है।

    खतरे के निशान से नीचे बह रही गंडक नदी

    बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार जलस्तर बढ़ने के बावजूद फिलहाल जिले में तटबंधों को कोई खतरा नहीं है। गंडक नदी जिले के तीनों मापन स्थलों पर अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।

    बताया गया कि बुधवार को यह पानी जिले के दियारा क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

    सोमवार सुबह छह बजे बाल्मीकिनगर बराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो शाम छह बजे तक बढ़कर 2,03,500 क्यूसेक तक पहुंच गया।