गोपालगंज में 7 सालों का इंतजार खत्म होने की आस, कॉलेजों को जल्द मिलेगा अनुदान
गोपालगंज के 25 अनुदानित प्लस-टू कॉलेजों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों को 2019 से लंबित परीक्षाफल आधारित अनुदान राशि जल्द मिलने की उम्मीद है। ...और पढ़ें
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HighLights
25 अनुदानित कॉलेजों को 2019 से लंबित अनुदान मिलेगा।
शिक्षा विभाग ने भुगतान प्रक्रिया तेज की, विवरण मांगा।
शिक्षकों और कर्मियों में सात साल बाद भुगतान की उम्मीद।
विवेक कुमार तिवारी, फुलवरिया (गोपालगंज)। जिले के 25 अनुदानित वित्तरहित प्लस-टू कालेजों के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। वर्ष 2019 से लंबित परीक्षाफल आधारित अनुदान राशि के भुगतान की दिशा में शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
विभाग ने सभी संबंधित कालेजों से कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों का विस्तृत विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। आवश्यक सूचनाएं प्राप्त होते ही लंबित अनुदान राशि जारी करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के निदेशक कन्हैया प्रसाद ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजकर जिले के सभी अनुदानित वित्तरहित माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं प्लस-टू कालेजों का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
इसके बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने संबंधित संस्थानों से आवश्यक सूचनाएं जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। विभागीय निर्देश के अनुसार प्रत्येक संस्थान को शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों का नाम, पदनाम, नियुक्ति तिथि, सेवानिवृत्ति तिथि, बैंक खाता संख्या सहित अन्य आवश्यक जानकारियां निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध करानी होंगी।
सरकार द्वारा वित्तरहित शिक्षा नीति समाप्त किए जाने के बाद विभागीय संकल्प के तहत अनुदानित माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं प्लस-टू कालेजों को परीक्षाफल आधारित अनुदान देने का निर्णय लिया गया था। इसी के अनुरूप भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक अभिलेख एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि अनुदान वितरण में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा नहीं आए।
शनिवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जिले के सभी 25 अनुदानित संस्थानों के प्रधानाचार्यों एवं प्रभारी प्रधानाचार्यों को विभागीय निर्देश के अनुरूप कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। सभी संस्थानों से सूचना प्राप्त होते ही उसे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को भेज दिया जाएगा, जिसके बाद अनुदान भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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इधर, वर्षों से अनुदान की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों में विभागीय पहल से उत्साह का माहौल है। उनका कहना है कि वर्ष 2019 से परीक्षाफल आधारित अनुदान लंबित है। अब विभाग की सक्रियता से उन्हें उम्मीद जगी है कि सात साल के लंबे इंतजार के बाद बकाया अनुदान राशि का भुगतान जल्द हो सकेगा।