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    नेपाल की भारी बारिश से गोपालगंज में बढ़ा बाढ़ का खतरा, गंडक उफान पर; प्रशासन की तैयारियों पर सवाल

    By Balmiki Mani TiwariEdited By: Radha Krishna
    Updated: Thu, 23 Jul 2026 03:44 PM (GMT+05:30)

    नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, ग्रामीण प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठा रहे हैं और राह ...और पढ़ें

    नेपाल की बारिश बढ़ा रही ग्रामीणों की चिंता

    नेपाल की बारिश बढ़ा रही ग्रामीणों की चिंता

    HighLights

    1. गंडक नदी का जलस्तर नेपाल की बारिश से बढ़ा।

    2. दियारा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे।

    3. ग्रामीणों ने प्रशासन की तैयारियों पर उठाए सवाल।

    जागरण संवाददाता, गोपालगंज। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार के गोपालगंज में साफ दिखाई देने लगा है। गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। 

    निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपने परिवार और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।

    कई परिवार जरूरी सामान भी सुरक्षित जगहों पर ले जाने लगे हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है।

    नेपाल की बारिश बढ़ा रही ग्रामीणों की चिंता

    ग्रामीणों को डर है कि अगर नेपाल में बारिश जारी रही और गंडक का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट सकता है।

    ऐसे में बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने और जरूरी सामान लाने में परेशानी हो सकती है। ग्रामीण बाढ़ से पहले राहत और बचाव की ठोस तैयारी की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अभी तक जमीन पर पर्याप्त इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।

    खाप मकसूदपुर में मवेशियों को बचाने की जद्दोजहद

    खाप मकसूदपुर गांव में बड़ी संख्या में परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। ग्रामीण दूध बेचकर और मवेशी पालकर अपना घर चलाते हैं।

    गंडक का पानी बढ़ने के साथ पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है। लोग अपने मवेशियों को ऊंचे स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं।

    साथ ही चारे और खाने-पीने की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। कई परिवारों ने घर का सामान भी सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।

    हर साल 62 गांव झेलते हैं गंडक की बाढ़

    ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गंडक नदी की बाढ़ से उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। खेत डूब जाते हैं और सड़कें टूटने से आवागमन प्रभावित होता है।

    पशुपालकों के सामने मवेशियों को सुरक्षित रखने और चारे की व्यवस्था की चुनौती रहती है। गोपालगंज के छह प्रखंडों के करीब 62 गांव हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं।

    इस बार नेपाल में ज्यादा बारिश होने के कारण खतरा और बढ़ गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता को और गहरा कर दिया है।

    राहत शिविर और पशुओं के लिए सुरक्षित ठिकाने की मांग

    जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

    हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक राहत शिविरों की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। सामुदायिक शेड और पशुओं को रखने के लिए सुरक्षित जगह भी तैयार नहीं हैं।

    चारे की व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीण परेशान हैं। लोगों का कहना है कि नेपाल में बारिश शुरू होने के साथ ही प्रशासन को संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी तेज कर देनी चाहिए थी। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की राहत और बचाव व्यवस्था पर टिकी है।

    नेपाल में बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है मुश्किल

    फिलहाल गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और दियारा क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण लगातार नदी के पानी पर नजर बनाए हुए हैं।

    कई परिवार रात में भी जागकर जलस्तर की स्थिति देख रहे हैं। अगर नेपाल में बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहा तो गोपालगंज के निचले इलाकों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

    ऐसे में प्रशासन के सामने ग्रामीणों के साथ-साथ मवेशियों को भी सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती होगी।