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    बिहार में ई-शिक्षाकोष को लेकर सख्त नियम: पूरा डेटा अपलोड नहीं करने पर रुकेगा प्रधानाध्यापकों का वेतन 

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 05:09 PM (IST)

    शिक्षा विभाग ने गोपालगंज के प्रधानाध्यापकों को 25 जुलाई तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर छात्रों का शत-प्रतिशत नामांकन दर्ज करने का निर्देश दिया है। समय पर डे ...और पढ़ें

    एआई जनरेटेड फोटो

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    HighLights

    1. ई-शिक्षाकोष पर छात्रों का डेटा अपलोड करना अनिवार्य।

    2. 25 जुलाई तक पूरा न होने पर वेतन अवरुद्ध होगा।

    3. सरकारी योजनाओं के लाभ हेतु डेटा अपडेट आवश्यक।

    जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले के सरकारी प्राथमिक, मध्य, उच्च एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शत-प्रतिशत नामांकन दर्ज कराने को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है।

    जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) ने सभी प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को 25 जुलाई तक प्रत्येक छात्र-छात्रा का विवरण हर हाल में पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।

    तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक का वेतन अवरुद्ध करने के साथ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

    जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य स्तर से बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जिले के कई विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत डाटा अब तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है।

    विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी विद्यालयों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित कार्य पूरा करने को कहा है।

    शिक्षा विभाग का कहना है कि ई-शिक्षाकोष पर विद्यार्थियों का सही एवं अद्यतन विवरण उपलब्ध रहने से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) सहित सरकार की विभिन्न छात्र कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंच सकेगा। अपूर्ण डाटा के कारण छात्रों को योजनाओं से वंचित होने की आशंका बनी रहती है।

    वेतन रोक देगा विभाग 

    पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 25 जुलाई के बाद किसी विद्यालय में छात्रों की प्रविष्टि लंबित मिलने पर संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने के लिए सक्षम प्राधिकार को अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा भी भेजी जाएगी।

    जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी प्रखंड आईसीटी समन्वयकों को विद्यालयवार नियमित मानिटरिंग करने तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भी समय सीमा के भीतर कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है।

    विभाग का मानना है कि ई-शिक्षाकोष में शत-प्रतिशत प्रविष्टि से विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेख अद्यतन रहेंगे और शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गति आएगी।

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