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    सर्दी के मौसम में बढ़ा बच्चों में निमोनिया का खतरा, डॉक्टर बोले- बचाव के लिए पीसीवी टीका बेहद जरूरी

    By Mithilesh TiwariEdited By: Radha Krishna
    Updated: Fri, 07 Nov 2025 10:35 AM (IST)

    गोपालगंज में सर्दी के मौसम में बच्चों को निमोनिया का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों के अनुसार, निमोनिया बच्चों में होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। इस ...और पढ़ें

    सर्दी व संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी

    सर्दी व संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी

    HighLights

    1. सर्दी में बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ा

    2. पीसीवी टीका निमोनिया से बचाव में सहायक

    3. शिशुओं और बुजुर्गों को अधिक खतरा

    जागरण संवाददाता, गोपालगंज। सर्दी के मौसम में बच्चों को निमोनिया का अधिक खतरा होता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों को निमोनिया से बचाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बच्चों में होने वाली मौतों में निमोनिया एक प्रमुख कारण है।

    सरकार ने निमोनिया से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण में पीसीवी टीके को शामिल किया है। यह टीका निमोनिया से बचाव में काफी असरदार है।


    सिविल सर्जन डा. वीरेंद्र प्रसाद ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कहा कि बदलते मौसम में शिशुओं की बेहतर देखभाल जरूरी है।

    इस मौसम में शिशुओं में निमोनिया होने का खतरा अधिक हो जाता है। निमोनिया एक संक्रामक रोग है जो एक या दोनों फेफड़ों के वायु के थैलों को द्रव या मवाद से भरकर उसमें सूजन पैदा करता है।

    इससे बलगम वाली खांसी, बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। निमोनिया साधारण से जानलेवा भी हो सकता है।

    इसलिए इस मौसम में शिशुओं को ठंड से बचाना चाहिए। इससे बचाव के लिए पीसीवी का टीका बच्चे को जरूर लगवाना चाहिए।

    शिशुओं व 65 वर्ष उम्र से अधिक व्यक्तियों को खतरा

    आमतौर पर निमोनिया से शिशुओं, बच्चों एवं 65 वर्ष से ऊपर आयु वाले लोगों या कमजोर प्रतिरोधक प्रणाली वाले लोगों को अधिक खतरा होता है।

    यह एक संक्रामक रोग है जो छींकने या खांसने से फैल सकता है। सर्दी के मौसम के शुरुआत से ही बच्चों में निमोनिया एवं ठंड से जुडी अन्य बीमारियों में बढ़ोतरी होने लगती है।

    सीएस ने बताया कि पीसीवी वैक्सीन बच्चों को निमोनिया से बचाने में सहायक होता है। इसे सरकार की ओर से नियमित टीकाकरण में शामिल किया गया है।

    इसे तीन खुराकों में दिया जाता है तथा यह बच्चों को निमोनिया से बचाने में अहम भूमिका अदा करता है। सीएस ने बताया धुम्रपान से परहेज, स्वस्थ एवं संतुलित जीवन शैली तथा साफ सफाई का ध्यान रख निमोनिया से बचा जा सकता है। बस इसके लिए सतर्कता की जरूरत है।