गोपालगंज: 6 साल से बंद सासामुसा चीनी मिल के फिर चालू होने की जगी आस, विधानसभा में गूंजा बकाये का मुद्दा
सासामुसा चीनी मिल के संचालन और किसानों व पूर्व कर्मियों के बकाया भुगतान का मुद्दा बिहार विधानसभा में उठा। विधायक मंजीत कुमार सिंह ने सरकार से तत्काल ह ...और पढ़ें

बिहार विधानसभा में गूंजा सासामुसा चीनी मिल का मुद्दा, संचालन और बकाया भुगतान की मांग
HighLights
सासामुसा चीनी मिल के संचालन और बकाया भुगतान का मुद्दा विधानसभा में।
विधायक मंजीत कुमार सिंह ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
गन्ना उद्योग मंत्री ने बंद चीनी मिलों को चालू करने को प्राथमिकता बताया।
संवाद सूत्र, कुचायकोट (गोपालगंज)। पिछले छह वर्षों से बंद पड़े सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन और किसानों व पूर्व कर्मियों के बकाया भुगतान का मुद्दा बुधवार को बिहार विधानसभा में गूंजा।
बरौली के जदयू विधायक एवं सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक मंजीत कुमार सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
विधायक ने कहा कि सासामुसा चीनी मिल बंद होने से किसानों का करीब 45 करोड़ रुपये तथा पूर्व कर्मियों का लगभग 9.50 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, बैंक का भी करीब 60 करोड़ रुपये का कर्ज है।
उन्होंने बताया कि एनसीएलटी ने मिल के स्क्रैप की 17.64 करोड़ रुपये में नीलामी की अनुमति दी है और स्क्रैप काटने का कार्य शुरू हो चुका है। मिल की परिसंपत्तियों की नीलामी को लेकर 12 अगस्त को सुनवाई होनी है।
उन्होंने सदन को बताया कि एक निवेशक कंपनी ने बैंक का बकाया चुकाकर मिल का संचालन करने की इच्छा जताते हुए एनसीएलटी में हलफनामा दायर किया है। यदि स्क्रैप की बिक्री नहीं होती है तो अगले पेराई सत्र से मिल का संचालन शुरू हो सकता है।
उन्होंने सरकार से परिसमापन प्रक्रिया पर रोक लगाकर किसानों और कर्मियों का शत-प्रतिशत बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की।
विधायक ने यह भी कहा कि मिल के गोदाम से करीब 12 करोड़ रुपये की चीनी बिकने के बावजूद किसानों का भुगतान नहीं हो सका, क्योंकि वह राशि एनसीएलटी के आदेश पर बैंक को दे दी गई।
जवाब में गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य की सभी बंद चीनी मिलों को चालू करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि किसानों के लगभग 43 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की स्वीकृति सरकार पहले ही दे चुकी है।