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    सासामुसा चीनी मिल में स्क्रैप कटाई पर भड़का गुस्सा, किसानों-मजदूरों ने घेरा गेट

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 03:34 PM (IST)

    सासामुसा चीनी मिल में एनसीएलटी के आदेश पर चल रही स्क्रैप कटाई के विरोध में किसानों और मिलकर्मियों ने प्रदर्शन किया, लंबित बकाये के भुगतान और कटाई रोकन ...और पढ़ें

    सासामुसा चीनी मिल में स्क्रैप कटाई पर भड़का गुस्सा, किसानों-मजदूरों ने घेरा गेट

    सासामुसा चीनी मिल में स्क्रैप कटाई पर भड़का गुस्सा, किसानों-मजदूरों ने घेरा गेट

    HighLights

    1. सासामुसा चीनी मिल में स्क्रैप कटाई के खिलाफ प्रदर्शन।

    2. किसानों-मजदूरों ने लंबित बकाये के भुगतान की मांग की।

    3. एनसीएलटी के आदेश पर हो रही है स्क्रैप कटाई।

    संवाद सूत्र, कुचायकोट (गोपालगंज)। सासामुसा चीनी मिल में एनसीएलटी के आदेश पर चल रही स्क्रैप कटाई के विरोध में शुक्रवार को किसानों और मिलकर्मियों का आक्रोश फूट पड़ा। सासामुसा शुगर मिल किसान-मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान व मजदूर सड़कों पर उतर आए और विरोध मार्च निकालते हुए चीनी मिल के मुख्य गेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शनकारियों ने स्क्रैप कटाई पर तत्काल एक माह की रोक लगाने और किसानों-मजदूरों के वर्षों से लंबित बकाये का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई। चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

    प्रदर्शन की शुरुआत सासामुसा रेलवे स्टेशन से हुई। हाथों में तख्तियां लिए किसान और मिलकर्मी पूरे बाजार से होते हुए चीनी मिल पहुंचे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर अंचल पदाधिकारी मनोरंजन कुमार शुक्ला तथा थानाध्यक्ष दर्पण सुमन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की।

    संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि चीनी मिल पर किसानों का लगभग 43 करोड़ रुपये तथा मजदूरों और कर्मचारियों का करीब 9.30 करोड़ रुपये बकाया है। उनका आरोप था कि विधानसभा में बकाया भुगतान की स्वीकृति मिलने के बावजूद यह शर्त जोड़ दी गई कि मिल के दोबारा चालू होने के एक वर्ष बाद ही भुगतान किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि पहले गोदाम में रखी चीनी बेचकर करीब 12.30 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, लेकिन किसानों और मजदूरों का भुगतान करने के बजाय पूरी राशि बैंक को दे दी गई। इसी तरह एनसीएलटी में मामला लंबित रहने के दौरान करीब 18 करोड़ रुपये में स्क्रैप की बिक्री हुई, लेकिन उससे भी किसानों और कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिला।

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    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मशीनों और अन्य कल-पुर्जों की लगातार स्क्रैप कटाई होने से भविष्य में चीनी मिल के पुनः संचालन की संभावना खत्म हो जाएगी, इसलिए सरकार अंतिम निर्णय लेने तक कम से कम एक माह के लिए स्क्रैप कटाई पर रोक लगाए।

    अंचल पदाधिकारी मनोरंजन कुमार शुक्ला ने कहा कि स्क्रैप कटाई एनसीएलटी के आदेश के तहत हो रही है, इसलिए उनके स्तर से इसे रोकना संभव नहीं है। हालांकि, आंदोलनकारियों का ज्ञापन जिला पदाधिकारी को भेजा जाएगा और जिला प्रशासन से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इसके बाद किसानों और मजदूरों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन समाप्त कर दिया। प्रदर्शन में योगेंद्र शर्मा, सत्येंद्र बैठा, कृष्ण गुप्ता, विपुल ठाकुर, मधु शाह समेत बड़ी संख्या में किसान और मिलकर्मी मौजूद रहे।