पटना-गया पर कम होगी निर्भरता; बिहारशरीफ-जहानाबाद रेललाइन का रास्ता साफ
राजद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव की पहल पर रेल मंत्रालय ने बिहारशरीफ से जहानाबाद तक प्रस्तावित रेलमार्ग के सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी है। इससे जहानाबाद ...और पढ़ें

रेल लाइन के सर्वे की अनुमति।
HighLights
बिहारशरीफ-जहानाबाद रेलमार्ग सर्वेक्षण को मिली स्वीकृति।
राजद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव की पहल रंग लाई।
जहानाबाद, नालंदा क्षेत्र को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी।
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। जहानाबाद और नालंदा जिले के लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। खबर रेल लाइन से जुड़ी है।
राजद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव की पहल पर रेल मंत्रालय ने बिहारशरीफ से जहानाबाद तक प्रस्तावित रेलमार्ग निर्माण के लिए सर्वेक्षण कार्य को स्वीकृति दे दी है।
रेल मंत्री से मिलकर रखी थी मांग
सांसद ने हाल ही में रेलमंत्री से मुलाकात कर बिहारशरीफ-जहानाबाद वाया एकंगरसराय रेलखंड निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग उठाई थी।
उन्होंने रेलमंत्री को बताया था कि लोकसभा क्षेत्र के लोगों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत अन्य बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए पटना या गया जैसे बड़े स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
इससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है और क्षेत्र के विकास पर भी असर पड़ता है। रेल मंत्रालय ने सांसद की मांग को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक इंजीनियरिंग-सह-यातायात सर्वेक्षण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
माना जा रहा है कि रेललाइन बनने से जहानाबाद, नालंदा और आसपास के इलाकों में व्यापार, रोजगार और आवागमन को नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों ने सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया है।
धर्मपाल सिंह यादव, शशिरंजन, अनिल पासवान, बैकुंठ यादव, मोहन यादव, विश्राम यादव, पप्पू मलिक, अनिल वर्मा और अनिल सिंह समेत कई लोगों ने कहा कि यह रेल परियोजना क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
अरवल और सहार तक रेललाइन विस्तार की उठी मांग
इधर युवक क्रांति के अध्यक्ष संजय कुमार यादव ने भी बिहारशरीफ-जहानाबाद रेल सर्वे को स्वागतयोग्य कदम बताया है।
उन्होंने रेलमंत्री से मांग की है कि इस प्रस्तावित रेलखंड को जहानाबाद से शकुराबाद, रतनी फरीदपुर, कुर्था और अरवल होते हुए भोजपुर जिले के सहार तक विस्तारित किया जाए।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सर्वेक्षण कार्य को प्रशासनिक मंजूरी मिलने से क्षेत्र की जनता में विकास की नई उम्मीद जगी है।
यदि रेललाइन का विस्तार अरवल और सहार तक किया जाता है, तो इसका लाभ हजारों लोगों को मिलेगा और दक्षिण बिहार के कई इलाके सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।