Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    30 अवैध रेलवे क्रॉसिंग बनीं खतरा, जहानाबाद में 25 करोड़ की सुरक्षा योजना शुरू, होंगे ये काम

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 08:58 AM (IST)

    दानापुर रेल मंडल पटना-गया रेलखंड पर जहानाबाद जिले में 25 करोड़ रुपये की लागत से चार लिमिटेड हाइट अंडरपास बनाएगा। यह परियोजना अवैध क्रॉसिंग पर होने वाल ...और पढ़ें

    अंडरपास निर्माण से हादसे में आएगी कमी। सांकेत‍िक तस्‍वीर

    अंडरपास निर्माण से हादसे में आएगी कमी। सांकेत‍िक तस्‍वीर

    जागरण संवाददाता, जहानाबाद। पटना-गया रेलखंड पर अवैध और अनधिकृत रेलवे क्रॉसिंग के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

    करीब 92 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर 30 से अधिक अवैध क्रॉसिंग हैं, जहां अक्सर ट्रैक्टर, कार और पैदल यात्रियों की ट्रेन से टक्कर हो जाती है।

    इन हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है। कई बार अवैध मार्गों पर वाहन फंस जाने से बड़े हादसे होते-होते भी बचे हैं।

    नदौल से जहानाबाद के बीच तीन एलएचएस

    इन दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए दानापुर रेल मंडल ने पटना-गया (पीजी) रेल लाइन पर जहानाबाद जिले में चार स्थानों पर लिमिटेड हाइट अंडरपास (एलएचएस) बनाने की योजना तैयार की है।

    इस परियोजना पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नदौल से जहानाबाद के बीच तीन तथा चमन बिगहा के पास एक लिमिटेड हाइट अंडरपास बनाया जाएगा।

    अंडरपास बनने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बसे लोगों का आवागमन भी सुगम होगा। दरअसल, पीजी रेल लाइन कई ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरती है।

    मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों को रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

    रेलवे समय-समय पर अवैध क्रॉसिंग बंद करने या उनके आसपास सुरक्षा दीवार बनाने की घोषणा करता रहा है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में अंडरपास का निर्माण इस समस्या का प्रभावी समाधान साबित हो सकता है।

    आरटीआई कार्यकर्ता दीपक कुमार द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में दानापुर रेल मंडल ने इस योजना से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं।

    योजना के तहत चारों अंडरपास पर अलग-अलग राशि खर्च की जाएगी। एक अंडरपास के निर्माण पर 6.34 करोड़ रुपये, दूसरे पर 6.42 करोड़ रुपये, चमन बिगहा के पास बनने वाले अंडरपास पर 6.41 करोड़ रुपये तथा चौथे अंडरपास पर भी 6.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    2023 से अब तक 16 हादसे

    वर्ष 2023 से अब तक इस रेलखंड पर 16 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। वर्ष 2023 में चार हादसे हुए, जिनमें टेहटा और बेला के पास एक-एक दुर्घटना शामिल थी।

    वर्ष 2024 में छह हादसे हुए। इनमें नदौल के पास तीन तथा नदवां, बेला और टेहटा के समीप एक-एक दुर्घटना हुई। वर्ष 2025 में भी छह हादसे दर्ज किए गए, जिनमें जहानाबाद और नदौल के बीच चार तथा बेला और नदवां के पास अवैध क्रॉसिंग पर एक-एक दुर्घटना हुई।