यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics : दो बार सांसद रहे इस नेता ने क्यों छोड़ा चिराग का साथ? जवाब देकर हो गए भावुक, कहा- जब जब मैंने...
Bihar Political News पूर्व सांसद अरुण कुमार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें बार बार पार्टी क्यों बदलनी पड़ी है। बता दें कि वह जहानाबाद सीट से बसपा के ...और पढ़ें

HighLights
- मैं जात-पात नहीं बल्कि काम करने पर विश्वास रखता हूं- डॉ अरुण कुमार
- क्षेत्र में हमारी पहचान पार्टी से नहीं, विकास से की जाती है- डॉ अरुण कुमार
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। Bihar Politics In Hindi जहानाबाद के पूर्व सांसद सह बसपा प्रत्याशी डॉ अरुण कुमार ने गुरुवार को अपने चुनाव कार्यालय में प्रेसवार्ता की। मौके पर उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई स्थानीय बनाम बाहरी की है। आईएनडीआईए व एनडीए दोनों दलों ने बाहरी को प्रत्याशी बनाया है।
उन्होंने कहा कि मैं इसी जिले का निवासी हूं और दो बार यहां से सांसद भी रह चुका हूं। मैंने विकास के जितने भी कार्य किए हैं, वह सब जनता के सामने है। मैं जात-पात नहीं बल्कि काम करने पर विश्वास रखता हूं। मैंने सभी वर्गों को ध्यान में रखकर कार्य किया है।
लोकतंत्र के लिए आवाज उठाई तो मुझे उसका खामियाजा भुगतना पड़ा
Bihar News : उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हमारी पहचान पार्टी से नहीं, विकास से की जाती है। पार्टी के प्रति भी वफादार रहा हूं, लेकिन जब-जब लोकतंत्र के लिए आवाज उठाई तो मुझे उसका खामियाजा भुगतना पड़ा और पार्टी बदलनी पड़ी। इस बार बसपा के चुनाव चिन्ह से मैदान में हूं। 10 मई को नामांकन का पर्चा दाखिल करेंगे।
इस अवसर पर स्वाभिमान पार्टी के अधिवक्ता पंकज कुमार ने पूर्व सांसद को अपना समर्थन दिया। मौके पर जिलाध्यक्ष अजय कुमार प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश शर्मा संजय शर्मा सुमित सरकार सहित कई लोग उपस्थित थे।
बता दें कि डॉ अरुण कुमार पहले चिराग पासवान (Chirag Paswan) की पार्टी लोजपा (रामविलास) से जुड़े थे। वह लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे, लेकिन उन्होंने चिराग से मतभेद के कारण पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद बसपा का हाथ थाम लिया था।