जहानाबाद में मौसम बदलने से बढ़ा वायरल बीमारियों का प्रकोप, सदर अस्पताल की OPD में रोजाना पहुंच रहे 1000 मरीज
मौसम में बदलाव के कारण जहानाबाद में वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे सदर अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या एक हजार तक पहुंच गई है। स्वा ...और पढ़ें

जहानाबाद सदर अस्पताल
HighLights
मौसम बदलने से जहानाबाद में वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ा।
सदर अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या एक हजार हुई।
स्वास्थ्य विभाग डायरिया की रोकथाम के लिए पूरी तरह सतर्क।
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। मानसून की शुरुआत के साथ जिले में मौसम तेजी से बदल रहा है। कभी तेज धूप, कभी बादल और बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
सदर अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन लगभग 700 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब एक हजार हो गई है। इनमें अधिकांश मरीज सर्दी, जुकाम, वायरल फीवर, गले में संक्रमण, शरीर दर्द और अन्य मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित हैं।
सदर अस्पताल की अधीक्षक डॉ. मीना कुमारी ने बताया कि मौसम में अचानक हो रहे बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सभी आवश्यक चिकित्सीय व्यवस्थाएं की गई हैं।
डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े। इधर, बरसात के मौसम में डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।
जिले में फिलहाल डायरिया का प्रकोप नहीं
सिविल सर्जन डा हरिश्चंद्र चौधरी ने बताया कि जिले में फिलहाल डायरिया का कोई प्रकोप नहीं है और किसी भी क्षेत्र से सामूहिक संक्रमण की सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद विभाग पूरी निगरानी रख रहा है। पिछले वर्ष जिन इलाकों में डायरिया के मामले सामने आए थे, उन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, जिंक टैबलेट, एंटीबायोटिक समेत डायरिया के इलाज में उपयोग होने वाली सभी आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराया गया है। जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा दल भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जाएंगे।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष काको नगर पंचायत तथा मखदुमपुर प्रखंड के कुछ ग्रामीण इलाकों में एक साथ डायरिया के कई मरीज मिले थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान चलाकर स्थिति पर नियंत्रण पाया था। इस बार उसी अनुभव के आधार पर पहले से तैयारी कर ली गई है ताकि किसी भी संभावित प्रकोप को समय रहते रोका जा सके।
फिलहाल बैक्टीरिया से मुक्त है जिले में पीने का पानी
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग भी पेयजल की गुणवत्ता पर लगातार नजर बनाए हुए है। विभाग के लैब टेक्नीशियन अमित कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूनों की नियमित जांच की जा रही है। अब तक की जांच में किसी भी नमूने में बैक्टीरिया की मौजूदगी नहीं मिली है। इससे यह स्पष्ट है कि फिलहाल जिले का पेयजल बैक्टीरिया के प्रभाव से मुक्त है।
उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान भूजल स्तर ऊपर आने से कुएं, चापाकल और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के प्रदूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं कई स्थानों पर नल-जल योजना की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने तथा पाइपलाइन क्षतिग्रस्त रहने से भी अशुद्ध पानी लोगों के घरों तक पहुंच सकता है। ऐसे में पानी को उबालकर या शुद्ध करके ही पीना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें, स्वच्छ और ताजा भोजन करें, पीने के लिए केवल सुरक्षित पानी का उपयोग करें तथा हाथों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, उल्टी, तेज बुखार या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो बिना देर किए नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें। अधिकारियों का कहना है कि सावधानी और समय पर उपचार से मौसम जनित बीमारियों के साथ-साथ डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से भी प्रभावी ढंग से बचाव किया जा सकता है।