बर्द्धमान-झाझा पैसेंजर के साथ रेलवे का यह कैसा लुका-छिपी का खेल? बिना सूचना के बार-बार ट्रेन रद, यात्रियों का क्या कसूर?
पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने बर्द्धमान-झाझा-बर्द्धमान मेमू पैसेंजर ट्रेन को पटरी नवीनीकरण के कारण अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है। बार-बार बिना सूचना ...और पढ़ें

रेलवे ने यात्रियों को फिर दिया झटका: बर्द्धमान-झाझा मेमू पैसेंजर अचानक रद, देर रात सूचना मिलने से भड़के लोग
HighLights
बर्द्धमान-झाझा मेमू पैसेंजर ट्रेन अस्थायी रूप से रद्द हुई।
पटरी नवीनीकरण कार्य के कारण यह फैसला लिया गया।
यात्रियों को बिना पूर्व सूचना के भारी असुविधा हुई।
संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत यात्रा करने वाले दैनिक रेल यात्रियों को रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया है। डाउन रेल लाइन पर शंकरपुर और मथुरापुर स्टेशनों के बीच आवश्यक समतल पटरी नवीनीकरण (मेंटेनेंस) कार्य के कारण ट्रेन संख्या 63509/63509 बर्द्धमान–झाझा–बर्द्धमान मेमू पैसेंजर को अस्थायी रूप से रद कर दिया गया है।
बुधवार देर रात सूचना जारी होने पर उठे गंभीर सवाल
हैरानी की बात यह है कि आसनसोल रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी द्वारा इस महत्वपूर्ण ट्रेन को रद करने की आधिकारिक सूचना बुधवार देर शाम 08:26 बजे जारी की गई। इतनी देर से जानकारी मिलने के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि झाझा, सिमुलतला और रजला जैसे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के यात्रियों को इसकी खबर समय पर कैसे मिलेगी?
नरगंजो और लहाबन के यात्रियों को होगी भारी फजीहत
समय पर सूचना न मिलने के कारण नरगंजो, टेलवा बाजार हाल्ट और लहाबन जैसे छोटे स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ेगी। इस रेल खंड की 'लाइफलाइन' कही जाने वाली इस मेमू पैसेंजर ट्रेन के बार-बार अचानक रद होने से दैनिक यात्रियों, छोटे व्यापारियों, छात्रों और मरीजों की परेशानियां अब चरम पर पहुंच गई हैं।
बीते सोमवार को भी बिना किसी सूचना के बंद थी ट्रेन
यात्रियों ने बताया कि इससे पहले बीते सोमवार, 29 जून को भी बिना किसी ठोस प्रबंधन या पूर्व सूचना के इस पैसेंजर ट्रेन को अचानक रद कर दिया गया था। उस दिन भी सिमुलतला स्टेशन पर पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी थी और ट्रेन न होने के कारण पूरा स्टेशन परिसर समय से पहले ही बिल्कुल वीरान नजर आने लगा था।
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रेलवे के लुका-छिपी के खेल से यात्री पूरी तरह भ्रमित
आसनसोल रेल मंडल के इस विरोधाभास को इससे समझा जा सकता है कि 25 जून को ट्रेन अचानक बिना सूचना रद हुई, फिर 28 जून को बकायदा रद करने का नोटिफिकेशन जारी हुआ, लेकिन रविवार को गाड़ी ट्रैक पर दौड़ती नजर आई। इसके बाद सोमवार को फिर इसे बंद कर दिया गया। रेलवे के इस लुका-छिपी वाले रवैये से आम यात्री पूरी तरह भ्रमित हैं।
एक-दो दिन पहले नोटिफिकेशन न देने पर भारी नाराजगी
यात्रियों का गुस्सा इस बात पर है कि जब रेलवे को मेंटेनेंस कार्य पहले से तय था, तो इसकी विधिवत जानकारी एक-दो दिन पहले क्यों नहीं दी गई? 20-25 किलोमीटर दूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले दैनिक यात्रियों के प्रति रेलवे का यह लचर रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है, जिससे पूरे जमुई और झाझा क्षेत्र के रेल उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है।