'धोती वाले IAS' के नाम से मशहूर थे बिहार के पूर्व CM चंद्रशेखर सिंह, आज 40वीं पुण्यतिथि
बिहार के 16वें मुख्यमंत्री स्व. चंद्रशेखर सिंह की 40वीं पुण्यतिथि पर मलयपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्हें सादगी, ईमानदारी और कड़ ...और पढ़ें

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर सिंह की फाइल फोटो। सौजन्य : स्वजन

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संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। सादगी, बेदाग ईमानदारी और कड़े फैसले लेने के लिए मशहूर बिहार के 16वें मुख्यमंत्री स्व. चंद्रशेखर सिंह की 40वीं पुण्यतिथि पर आज उन्हें मलयपुर स्थित आंजन नदी तट पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
इस अवसर पर उनकी समाधि स्थल पर एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आहूत किया गया है, जहां क्षेत्र के गणमान्य लोग और आम जनता उनके प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे।
स्व. चंद्रशेखर सिंह को उनके स्पष्टवादी स्वभाव, जनसेवा और समतामूलक समाज के निर्माण के प्रति समर्पण के लिए याद किया जाता है।
गांव के नागेश्वर सिंह, रमेश सिंह, सुकूल सिंह आदि ने बताया कि चंद्रशेखर बाबू की नजर में अपने और पराए का कोई भेद नहीं था। वे अपने परिवार और आम जनता में कभी कोई अंतर नहीं करते थे।
17 अगस्त 1927 को मलयपुर हवेली के जमींदार परिवार में जन्मे चंद्रशेखर सिंह न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि अर्थशास्त्र के भी गहरे जानकार थे।
उनके पिता स्व. ओंकार शरण सिंह पेशे से अधिवक्ता थे। जिला स्कूल मुंगेर से मैट्रिक और पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए करने के बाद युवावस्था में ही उनका झुकाव राजनीति की ओर हो गया।

चकाई से शुरू हुआ सफर, केंद्र में निभाई अहम भूमिका
स्व. सिंह ने अपने शानदार राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1952 में चकाई विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर की थी। इसके बाद लगभग 30 वर्षों तक उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया और बांका से लोक सभा सांसद भी रहे।
वे कांग्रेस आलाकमान, विशेषकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के अत्यंत विश्वसनीय माने जाते थे। 1983 में जब बिहार कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर थी, तब इंदिरा गांधी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनाया। वे इंदिरा मंत्रिमंडल में ऊर्जा राज्य मंत्री भी रहे।
राजीव गांधी ने भी उनकी प्रशासनिक सूझ-बूझ का सम्मान करते हुए उन्हें केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। वे देश के पहले वस्त्रोद्योग (कपड़ा) मंत्री भी रहे।

धोती वाले आईएएस से जाने जाते थे चंद्रशेखर सिंह
जानकारों के मुताबिक, स्व. सिंह के नेतृत्व में हुए चुनाव में कांग्रेस ने रिकॉर्ड 198 सीटें जीती थीं। उन्होंने 14 अगस्त 1983 से 12 मार्च 1985 तक बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।
स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वे रात में अपनी निजी गाड़ी से पटना की सड़कों पर कानून-व्यवस्था का जायजा लेने निकल जाते थे। उनके इसी अनुशासित और कड़क प्रशासनिक अंदाज के कारण लोग उन्हें आदर से धोती वाला आईएएस कहते थे।
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09 जुलाई 1986 को दिल्ली के एम्स में उनका असामयिक निधन हो गया था, जिससे मलयपुर में शोक की लहर दौड़ गई थी। उनके निधन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी स्वयं उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे जो उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।