जमुई में EOU का बड़ा एक्शन, जिला परिषद अध्यक्ष और पूर्व एमएलसी प्रत्याशी के ठिकानों पर छापामारी
जमुई के सिकंदरा में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी और उनके पति गुड्डू यादव के ठिकानों पर छापेमारी की। ...और पढ़ें
HighLights
जमुई के सिकंदरा में ईओयू की बड़ी कार्रवाई।
जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी के आवास पर छापा।
पूर्व एमएलसी प्रत्याशी गुड्डू यादव के ठिकाने भी खंगाले।
संवाद सहयोगी, जमुई। संगठित अपराध और अपराध की कमाई से खड़ी की गई बेनामी संपत्तियों के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने मंगलवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए बाहुबली गुड्डू यादव और उसके गिरोह पर शिकंजा कस दिया। एसटीएफ और जमुई-शेखपुरा पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई के दौरान 34.19 लाख से अधिक नकद, अवैध हथियार, कारतूस, फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो, ट्रक, ट्रैक्टर, कंबाइन मशीन तथा जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े सैकड़ों दस्तावेज बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में रंगदारी, फर्जीवाड़े और जमीन कब्जा कर करोड़ों रूपये की बेनामी संपत्ति अर्जित करने का खुलासा हुआ है।
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, सिकंदरा निवासी गुड्डू यादव और उसके 17 सदस्यीय संगठित गिरोह के विरुद्ध आर्थिक अपराध थाना में केस दर्ज करने के बाद मंगलवार सुबह 8:30 बजे एक साथ कार्रवाई शुरू की गई। छापेमारी में गिरोह के पांच प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने विभिन्न ठिकानों से 34,19,500 नकद, राइफल की 79 गोलियां, एक कट्टा, दो कारतूस, कई लग्जरी और व्यावसायिक वाहन, शराब की बोतलें तथा जमीन के सैकड़ों दस्तावेज जब्त किए हैं।
ईओयू की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2000 से अपराध जगत में सक्रिय गुड्डू यादव के खिलाफ जमुई, लखीसराय और नवादा के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, अपहरण, लूट और जमीन कब्जे सहित 39 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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अपराध के बल पर उसने राजनीतिक प्रभाव भी बनाया और वर्तमान में उसकी पत्नी दुलारी देवी जमुई जिला परिषद की अध्यक्ष हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह ने राजस्व अभिलेखों में हेरफेर और दबाव बनाकर बेहद कम कीमत पर जमीनों का निबंधन अपने तथा स्वजनों के नाम कराया।
गुड्डू यादव और उसकी पत्नी के नाम सिकंदरा व जमुई में 29 संपत्तियां मात्र 2.57 करोड़ के निबंधन मूल्य पर खरीदी गईं, जबकि उनका सरकारी सर्किल रेट 7.59 करोड़ से अधिक है।
वहीं गिरोह के अन्य सदस्यों ने 61 दस्तावेजों के माध्यम से 3.37 करोड़ का निवेश किया, जिनकी सरकारी कीमत 6.65 करोड़ से अधिक आंकी गई है। गुड्डू यादव और उसकी पत्नी के 10 बैंक खातों की भी जानकारी मिली है तथा उनके आलीशान मकानों का मूल्यांकन कराया जा रहा है।
सिकंदरा स्थित गुड्डू यादव के आवास और पेट्रोल पंप से 8.13 लाख नकद, 39 जमीन संबंधी दस्तावेज, बैंक पासबुक और 79 राउंड राइफल की गोलियां बरामद हुईं। बाबूलाल यादव, भूषण यादव, विपिन यादव, प्रमोद यादव और राकेश कुमार उर्फ सोनू यादव को गिरफ्तार किया गया।
विपिन यादव के यहां से 15.06 लाख नकद और तीन ट्रकों के कागजात मिले। छोटू यादव के ठिकाने से कट्टा, दो गोलियां और जमीन के दस्तावेज बरामद हुए, जबकि प्रवीण कुमार मिश्रा के यहां से अंचल कार्यालय का सरकारी रजिस्टर-2, अदालत के सीलबंद लिफाफे और 30 भूमि दस्तावेज मिले।
शहनवाज अली के यहां से 9.50 लाख नकद तथा बैंक दस्तावेज जब्त किए गए। इस अभियान में ईओयू के पुलिस अधीक्षक, तीन अपर पुलिस अधीक्षक, 18 डीएसपी स्तर के अधिकारी, बड़ी संख्या में निरीक्षक, एसटीएफ और जिला पुलिस बल के जवान शामिल रहे।
ईओयू ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध से अर्जित संपत्तियों के जब्तीकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और राज्य सरकार की नीति के तहत ऐसे अपराधियों तथा उनके संरक्षणदाताओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।