4 नए डिग्री कॉलेजों से बदलेगी जमुई की तस्वीर, गांव में ही मिलेगी ग्रेजुएशन की सुविधा
जमुई जिले के ग्रामीण इलाकों में सत्र 2026-30 से चार नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में कला संकाय की पढ़ाई शुरू होगी। इससे हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक् ...और पढ़ें

4 नए डिग्री कॉलेजों से बदलेगी जमुई की तस्वीर, गांव में ही मिलेगी ग्रेजुएशन की सुविधा (AI Generated Image)

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संवाद सूत्र, सोनो (जमुई)। जिले के ग्रामीण इलाकों में उच्च शिक्षा को नई उड़ान मिलने जा रही है। वर्षों से कॉलेज की कमी और आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रहने वाले हजारों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। सत्र 2026-30 से जिले के चार नवसृजित राजकीय डिग्री कॉलेजों में आर्ट्स संकाय की पढ़ाई शुरू होने जा रही है।
इससे अब गांव के विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। मुंगेर विश्वविद्यालय ने सोनो, खैरा, लक्ष्मीपुर और अलीगंज में संचालित होने वाले नए कॉलेज में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र विषयों की पढ़ाई की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
प्रत्येक विषय में 48 सीटें निर्धारित की गई हैं। समर्थ पोर्टल के माध्यम से आनलाइन नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जिससे छात्रों में उत्साह का माहौल है।
फिलहाल, सोनो प्रखंड के राज्य संपोषित उच्च विद्यालय सोनो के पेनवाजन स्थित माडल स्कूल भवन, खैरा के बाघाखांड उच्च विद्यालय, अलीगंज के मिर्जागंज उत्क्रमित उच्च विद्यालय तथा लक्ष्मीपुर के हरला उत्क्रमित उच्च विद्यालय में कक्षाएं संचालित होंगी।
कॉलेज संचालन के लिए प्राचार्य की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गई है। लक्ष्मीपुर कॉलेज में केकेएम कॉलेज के व्याख्याता देवेंद्र कुमार गोयल को प्राचार्य बनाया गया है, जबकि सोनो कॉलेज की जिम्मेदारी राजनीति विज्ञान के व्याख्याता डा. मनोज कुमार को सौंपी गई है।
प्रशासनिक तैयारी तेज होने से उम्मीद जताई जा रही है कि निर्धारित समय पर नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज खुलने से सबसे अधिक लाभ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों को मिलेगा।
अब अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने-खाने और किराये का अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। खासकर छात्राओं की उच्च शिक्षा को इससे नई मजबूती मिलेगी। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इस पहल से जिले में ड्रॉपआउट दर घटेगी और उच्च शिक्षा का प्रतिशत बढ़ेगा।
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बुद्धिजीवियों ने जताई खुशी
सोनो के पंकज कुमार ने कहा कि यह फैसला ग्रामीण शिक्षा-व्यवस्था को मजबूत करेगा। अब गरीब परिवारों के बच्चे भी आसानी से स्नातक की पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
बलथर के रंजीत सिंह ने कहा कि कॉलेज खुलने से खासकर बेटियों को बड़ा लाभ मिलेगा। अभिभावकों की चिंता कम होगी और छात्राओं की भागीदारी बढ़ेगी।
खैरा के प्रशांत कुमार ने कहा कि यह केवल कॉलेज नहीं, बल्कि गांवों के विकास का नया आधार बनेगा। शिक्षा के कारण सामाजिक बदलाव भी तेजी से आएगा।
वहीं, डुमरी के भरत सिंह ने कहा कि जमुई जैसे पिछड़े इलाके में उच्च शिक्षा का विस्तार सराहनीय कदम है। इससे युवाओं को बेहतर भविष्य मिलेगा।
चार नए कॉलेज खुलना जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
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