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    बिहार में शिक्षा का मंदिर बना रणक्षेत्र, कुर्सी के लिए भिड़ गईं दो लेडी टीचर; जमकर चले लात-घूंसे

    Updated: Fri, 15 May 2026 03:14 PM (IST)

    जमुई के प्राथमिक विद्यालय सलखोडीह में दो शिक्षिकाएं कुर्सी पर बैठने को लेकर आपस में भिड़ गईं। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट हुई, पुलिस को हस्तक्षेप करना प ...और पढ़ें

    शिक्षिका पूनम कुमारी और शिक्षिका पूनम कुमारी।

    शिक्षिका पूनम कुमारी और शिक्षिका पूनम कुमारी।

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    संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। झाझा प्रखंड की खुरंडा पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय, सलखोडीह शुक्रवार की सुबह जंग का अखाड़ा बन गया। बच्चों को संस्कार और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली दो शिक्षिकाएं महज एक कुर्सी पर बैठने को लेकर आपस में भिड़ गईं।

    देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिससे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मामला थाने तक जा पहुंचा और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, शिक्षिका ऋतु कुमारी एक कुर्सी पर बैठकर नाश्ता कर रही थीं। इसी बीच दूसरी शिक्षिका पूनम कुमारी वहां पहुंचीं और उसी कुर्सी पर बैठने की कोशिश करने लगीं।

    तू-तू, मैं-मैं

    इसी बात पर शुरू हुई तू-तू, मैं-मैं हाथापाई में बदल गई। इस झड़प में ऋतु के दाहिने हाथ में चोट आई है। घटना के बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ स्कूल में जमा हो गई। हंगामे की सूचना पर डायल-112 और सिमुलतला थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।

    एसआई भिखारी ठाकुर और पंकज कुमार दोनों शिक्षिकाओं को पूछताछ के लिए थाने ले गए। हालांकि, इस दौरान पुलिस द्वारा कुछ ग्रामीणों के साथ धक्का-मुक्की की बात भी सामने आई है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई।

    ऋतु और पूनम में पुरानी रंजिश

    इधर, शिक्षिका ऋतु का आरोप है कि विद्यालय के प्रभार को लेकर पूनम पहले से ही रंजिश रखती थीं। वहीं, प्रभारी प्रधानाध्यापक दीपू ठाकुर ने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रभार मिलने के बाद से ही पूनम कुमारी लगातार विवाद कर रही थीं, जिसकी शिकायत विभाग तक भी पहुंची थी।

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    इस बाबत थानाध्यक्ष रूबी कुमारी ने बताया कि आपसी समझौता कराकर दोनों को घर भेज दिया गया है। फिलहाल, विद्यालय में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

    विद्यालय शिक्षा का मंदिर है। शिक्षकों का काम बच्चों के भविष्य को संवारना है, न कि आपसी विवाद में पड़ना। यह घटना निंदनीय है। - महेंद्र सिंह, बीईओ, झाझा

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