जमुई को 150 करोड़ की सौगात: नरियाना और मांगोबंदर में बनेंगे नए RCC पुल, कैबिनेट की मिली मंजूरी
जमुई के खैरा-सोनो NH-333A पर नरियाना घाट और मांगोबंदर में नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इससे लंबे समय से आवागमन ...और पढ़ें

नरियाना और मांगोबंदर में बनेंगे नए RCC पुल, कैबिनेट की मिली मंजूरी
संवाद सहयोगी, जमुई। जिले के खैरा-सोनो एनएच-333ए पर नरियाना घाट और मांगोबंदर के जर्जर पुलों की जगह नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पथ निर्माण विभाग ने दोनों परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इसकी कैबिनेट ने भी मंजूरी प्रदान कर दी है।
इससे लंबे समय से आवागमन की समस्या झेल रहे हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि खैरा-सोनो पथ के 72वें किलोमीटर पर नरियाना घाट स्थित किउल नदी पर 93.82 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल बनाया जाएगा।
वहीं, 80वें किलोमीटर पर मांगोबंदर के पास सुखनर नदी पर 55.96 करोड़ रुपये की लागत से नए आरसीसी पुल का निर्माण होगा। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 149.78 करोड़ रुपये है।
नरियाना और मांगोबंदर के पुराने पुल लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। सुरक्षा कारणों से इन पर वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया है। इसके बाद लोगों को कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। अभी सावन महीने में भी प्रशासन को जमुई में संभावित जाम को लेकर कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, छात्रों के स्कूल-कालेज जाने, किसानों की उपज बाजार तक ले जाने और रोजमर्रा के आवागमन में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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दोनों पुलों के बंद रहने से खैरा, सोनो और आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। लंबे समय से क्षेत्र के लोग नए पुलों के निर्माण की मांग कर रहे थे।
सरकार का कहना है कि नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनने से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, आवागमन सुगम बनेगा तथा व्यापार, कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
अब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू होगा और वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।