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    गुप्ता परिवार में 38 साल बाद गूंजी बेटी की किलकारी, बैंड-बाजे और आतिशबाजी के साथ हुआ राजकुमारियों जैसा स्वागत

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 09:31 PM (IST)

    जमुई के चकाई में अरविंद गुप्ता के परिवार में 38 साल बाद बेटी का जन्म हुआ, जिसका भव्य जश्न मनाया गया। परिवार ने नवजात बच्ची को राजकुमारी की तरह घर लाया ...और पढ़ें

    जश्न मनाता परिवार। फोटो जागरण

    जश्न मनाता परिवार। फोटो जागरण

    HighLights

    1. जमुई में 38 साल बाद बेटी के जन्म का भव्य जश्न।

    2. परिवार ने नवजात का राजकुमारी की तरह अनोखा स्वागत किया।

    3. पिता ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का संकल्प लिया।

    अमित कुमार राय, चंद्रमंडी (जमुई)। जिस समाज में बेटों के जन्म पर थालियां बजती हैं और बेटियों के आगमन पर कई चेहरों पर मायूसी छा जाती है, वहां जमुई के चकाई से आई एक तस्वीर रूढ़िवादी सोच को करारा जवाब दे रही है। साथ ही सनातन की उस परंपरा को भी मजबूती दे रही, जिसमें बेटी को साक्षात माता लक्ष्मी और दुर्गा का स्वरूप माना गया है।

    चकाई बाजार निवासी अरविंद गुप्ता के घर जब 38 साल के लंबे इंतजार के बाद नन्ही परी ने जन्म लिया, तो जश्न ऐसा मना मानो आसमान से खुशियां उनके आंगन में उतर आई हों।

    38 साल बाद बेटी का जन्म

    अरविंद गुप्ता के मंझले पुत्र विवेक गुप्ता की पत्नी काजल कुमारी ने चकाई रेफरल अस्पताल में जब बेटी को जन्म दिया, तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

    तीन भाइयों (विकास, विवेक और विक्रम) के इस परिवार में 38 वर्षों से बेटी की प्रतीक्षा थी। खुशी ऐसी छलकी कि अस्पताल परिसर में ही मरीजों व स्वास्थ्य कर्मियों के बीच मिठाइयां बांटी गईं।

    जब नवजात को घर ले जाने का वक्त आया, तो उसे किसी राजकुमारी की तरह विदा किया गया। कार को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। आगे-आगे बैंड-बाजा, आतिशबाजी और पीछे झूमते-गाते दादा, दादी बेबी देवी और पूरा परिवार। रास्ते भर जिसने भी यह दृश्य देखा, भावविभोर हो गया।

    घर पहुंचने पर पूरे विधि-विधान से इस 'लक्ष्मी' का गृह प्रवेश कराया गया। पिता विवेक गुप्ता ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का संदेश देते हुए संकल्प लिया कि वे अपनी बेटी को खूब पढ़ाएंगे और आगे बढ़ाएंगे।

    38 साल बाद आई इस लक्ष्मी के भव्य स्वागत ने पूरे मोहल्ले को यह सिखा दिया कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि घर का असली उजाला और सौभाग्य होती हैं।

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