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    जमुई में खाकी की आड़ में अय्याशी का खेल, भरोसे की कीमत चुका रहीं महिलाएं

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 11:22 PM (IST)

    जमुई में पुलिसकर्मियों पर महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाकर धोखा देने और शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इन मामलों में न्याय की गुहार लगा रही पीड़ित मह ...और पढ़ें

    एआई जनरेटेड फोटो

    एआई जनरेटेड फोटो

    HighLights

    1. वर्दीधारियों पर प्रेम संबंध बनाकर महिलाओं को धोखा देने का आरोप।

    2. एसआई नौशाद रिजवी और कुंदन कृष्णा पर लगे गंभीर आरोप।

    3. पीड़ित महिलाओं ने न्याय के लिए पुलिस-अदालत का दरवाजा खटखटाया।

    मणिकांत, जमुई। वर्दी सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन जब इसी वर्दी की आड़ में प्रेम, शादी या साथ निभाने के नाम पर महिलाओं को भावनात्मक जाल में फंसाया जाए, तो उनके सपने ही नहीं, पूरी जिंदगी बिखर जाती है।

    जमुई में हाल के दिनों में ऐसे मामलों ने चिंता बढ़ा दी है, जहां वर्दीधारियों पर महिलाओं से प्रेम संबंध बनाकर धोखा देने, शोषण करने और बाद में किनारा कर लेने के आरोप सामने आए हैं।

    सवाल यह है कि कानून की रक्षा करने वालों पर ही जब ऐसे आरोप लगें तो पीड़ित महिलाओं को न्याय की उम्मीद किससे होगी? कई मामलों में पीड़ित महिलाओं ने मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलने के बाद पुलिस और अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है।

    केस स्टडी 1

    साल 2020 में बरहट थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली तीन बच्चों की मां मारपीट मामले का आवेदन लेकर थाना पहुंची थी। उक्त केस का जांचकर्ता SI नौशाद रिजवी को बनाया गया था।

    इस दौरान बराबर महिला का आना-जाना बरहट थाने में लगा रहता था। SI नौशाद रिजवी से महिला की मुलाकात भी होती थी। धीरे-धीरे दोनों की मुलाकात प्यार में बदल गई और सारी दूरियां नजदीकियों में सिमट गई।

    उसके बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। एक दिन SI ने अपने साथ महिला का फोटो उसके पति के मोबाइल में भेज दिया। तब पति ने भी महिला को छोड़ दिया। कुछ समय बाद नौशाद रिजवी का तबादला दूसरे थाना में हो गया।

    महिला भी अपने तीन बच्चों के साथ नौशाद रिजवी के साथ उसी थाने में रहने लगी। इसके बाद नौशाद रिजवी का तबादला जमुई हो गया और उन्हें व्यवहार न्यायालय स्थित हाजत का प्रभारी बना दिया गया।

    इस दौरान नौशाद रिजवी मलयपुर में एक किराए के मकान में महिला और उसके बच्चों के साथ रहने लगे। तकरीबन ढाई वर्षो का सफर बीत गया। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था, लेकिन एक दिन अचानक दारोगा रिजवी ने ढाई वर्षों का साथ भूलकर महिला को छोड़ दिया।

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    इसके बाद महिला एसपी के पास पहुंची और आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाते हुए उक्त दारोगा पर कार्रवाई की मांग करने लगी। मामला संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन एसपी ने दारोगा को निलंबित कर दिया।

    केस स्टडी 2

    साल 2026 में एक बार फिर जमुई के एक दारोगा की प्रेम कहानी और बेवफाई चर्चा बन गई है। चंद्रदीप थाना में पदस्थापित दारोगा कुंदन कृष्णा पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए मुंगेर इलाके की पीड़िता ने एसपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

    पीड़िता ने चंद्रदीप थाना में पदस्थापित दारोगा कुंदन कृष्णा पर अलग- अलग होटलों में बुलाकर छह महीने तक शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है और अब एक जाति का नहीं रहने की वजह से उसे साथ रखने से इनकार कर दिया।

    पीड़िता के अनुसार, फेसबुक के माध्यम से एक साल पूर्व दारोगा कुंदन कृष्णा से जान पहचान हुई थी और फिर बातें होती थी। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया और दोनों ने 13 फरवरी 2026 को चंडिका स्थान मुंगेर में शादी की थी।

    शादी के बाद कुंदन कृष्णा कई बार मुंगेर व बेगूसराय के होटल में बुलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया, जब साथ रहने की बात कही जाती थी तो वह स्थाई रूप से रूम लेने के बाद साथ रखने का आश्वासन दे कर शारीरिक संबंध बनाता रहा।

    शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना, धोखा देना या उत्पीड़न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और वर्दी की साख भी बनी रहे। -अमित कुमार, अधिवक्ता सह महासचिव, विधिज्ञ संघ, जमुई।

    चंद्रदीप थाना में पदस्थापित एक दारोगा पर महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। -विश्वजीत दयाल, एसपी, जमुई।