बिहार में छात्रा से बैड टच पर बढ़ा सियासी पारा! राहुल गांधी का सरकार से सवाल- दो दिनों तक पुलिस क्या कर रही थी?
Jamui Viral Video Case Political Row: जमुई वायरल वीडियो मामले में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया ...और पढ़ें

Jamui Viral Video Case Political Row: जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी मामले ने पकड़ा सियासी तूल।
HighLights
नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी का वीडियो हुआ वायरल।
राहुल गांधी ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल।
राज्य महिला आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया, तीन गिरफ्तार।
डिजिटल डेस्क, भागलपुर। Jamui Viral Video Case Political Row: बिहार के जमुई जिले में 10वीं कक्षा के नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ सड़क पर घेरकर की गई बदसलूकी, छेड़खानी और ‘बैड टच’ के सनसनीखेज मामले ने अब व्यापक सियासी तूल पकड़ लिया है। 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे कोचिंग के बाद फोटोशूट कराने गए मासूमों के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा की गई इस घिनौनी हरकत का वीडियो वायरल होने के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक भारी जनाक्रोश देखा जा रहा है।
अब इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सीधे हस्तक्षेप के बाद राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है, वहीं राज्य महिला आयोग ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेकर उच्चस्तरीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट साझा कर बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए लिखा कि दसवीं कक्षा के छात्र-छात्रा को बीच रास्ते में रोककर अमानवीय तरीके से प्रताड़ित और अपमानित किया गया।
छात्रा हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगती रही और मनचले तमाशबीन बनकर उसकी गरिमा तार-तार करते रहे। राहुल गांधी ने सवाल दागा कि यदि यह घटना 19 सितंबर की है, तो इतने दिन बीत जाने के बाद भी सभी आरोपित जेल की सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं? उन्होंने बिहार सरकार से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि शाम सात बजे प्रदेश की सड़कों पर कोई बेटी सुरक्षित क्यों नहीं है? साथ ही उन्होंने सभी आरोपितों पर पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत अविलंब कार्रवाई और त्वरित सजा की मांग की।
मॉब जस्टिस बर्दाश्त नहीं, सत्ता पक्ष के नेताओं का फूटा गुस्सा
सरेराह नाबालिगों के साथ भीड़ तंत्र (मॉब जस्टिस) और दरिंदगी की इस घटना पर सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित है और यहां किसी भी कीमत पर सड़कों पर तालिबानी हुकूमत या मॉब जस्टिस की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेकर बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी हाल में बच नहीं पाएंगे।
नाबालिगों की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
जमुई में छात्र-छात्रा से सरेराह दरिंदगी पर खेल व उद्याेग मंत्री श्रेयसी सिंह ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि नाबालिगों की सुरक्षा, मान-सम्मान और गरिमा सर्वोपरि है; इसमें रत्तीभर भी समझौता नहीं होगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने SIT गठित कर तीन दरिंदों को दबोच लिया है और बाकी भी जल्द सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने निष्पक्ष व त्वरित जांच कर सभी दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की बात कही है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने घटना की तीखी भर्त्सना करते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा और गरिमा पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ऐसी नजीर पेश करेगी, जिसे देखकर कोई दोबारा ऐसी हिमाकत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। भाजपा की प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर ने भी घटना को शर्मनाक करार देते हुए कहा कि पुलिस पूरी संवेदनशीलता और सख्ती से अनुसंधान कर सभी दोषियों को कठोरतम सजा दिलाए। बिहार सरकार ऐसे असामाजिक तत्वों ने सख्ती से निपटना जानती है।
न्याय का दिया भरोसा
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी आधिकारिक बयान जारी कर घटना की तीखी निंदा की है। पार्टी की ओर से कहा गया कि जमुई में दो नाबालिगों के साथ दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ की घटना अत्यंत पीड़ादायक और निंदनीय है। इस कठिन समय में पार्टी की पूरी संवेदनाएं पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों के साथ हैं। पार्टी ने बताया कि मामले में पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपितों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। कानून पूरी निष्पक्षता से अपना काम करेगा और किसी भी दोषी को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सांसद अरुण भारती बोले- एसपी से हुई बात
जमुई के सांसद अरुण भारती ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आते ही उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) से बात की है और वे पूरे घटनाक्रम पर बेहद गंभीरता से नजर बनाए हुए हैं।
सांसद ने पीड़ित बच्चों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और सभी दोषियों की पहचान भी कर ली गई है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि इस शर्मनाक कृत्य में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
राज्य महिला आयोग सख्त, डीएम से तलब की रिपोर्ट
छात्रा से बदसलूकी और अमानवीय व्यवहार के मामले में राज्य महिला आयोग ने भी त्वरित संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने जमुई के जिलाधिकारी नवीन से टेलीफोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और प्रशासन को दोषियों के विरुद्ध बिना किसी शिथिलता के कठोर कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं और युवतियों के साथ इस प्रकार का बर्बर व्यवहार किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।
6 पर प्राथमिकी
इधर, जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने दोनों नाबालिगों से संपर्क कर उनका बयान दर्ज किया। पीड़िता की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद जमुई सदर थाने में पोक्सो एक्ट समेत सुसंगत संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो में छह लोग संलिप्त दिख रहे हैं। पुलिस की विशेष टीमों ने सघन छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शेष की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
