झाझा के 12 सरकारी महकमों पर ₹18.39 लाख का बिजली बिल बकाया, अस्पताल और थाना भी डिफाल्टर सूची में शामिल
जमुई के झाझा में 12 सरकारी विभागों पर ₹18.39 लाख का बिजली बिल बकाया है, जिसमें रेफरल अस्पताल और थाना भी शामिल हैं। ...और पढ़ें

सरकारी महकमों पर ₹18.39 लाख का बिजली बिल बकाया
HighLights
झाझा के 12 सरकारी विभागों पर ₹18.39 लाख बकाया।
रेफरल अस्पताल और थाना भी डिफाल्टर सूची में शामिल।
भुगतान न होने पर विद्युत आपूर्ति बाधित होगी।
संवाद सूत्र, बोड़वा(जमुई)। आम उपभोक्ता का बिजली बिल एक-दो माह बकाया होते ही विभाग की टीम कनेक्शन काटने पहुंच जाती है, लेकिन सरकारी विभागों के मामले में तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। बिजली विभाग की आंतरिक डिफाल्टर सूची ने झाझा के सरकारी महकमों में हलचल मचा दी है।
सूची के अनुसार, झाझा प्रखंड के 12 प्रमुख सरकारी विभागों एवं कार्यालयों पर कुल 18,39,968 रुपये का बिजली बिल बकाया है। हथिया स्थित एक विभाग के सहायक अभियंता पर ही 3,39,973 रुपये का बिल लंबित है।
झाझा रेफरल अस्पताल पर अधिक बकाया
सूची में सबसे अधिक बकाया झाझा रेफरल अस्पताल पर 3,95,059 रुपये दर्ज है। मनरेगा भवन स्थित कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय पर 1,90,071 रुपये, पीएचईडी सब-डिवीजन के सहायक अभियंता कार्यालय पर 1,69,497 रुपये तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यालय पर 1,61,810 रुपये का बिजली बिल लंबित है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय के तीन अलग-अलग विद्युत कनेक्शनों पर कुल 1,98,459 रुपये का बकाया दर्ज किया गया है। वहीं, ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय पर 1,48,943 रुपये, अनुग्रह मध्य विद्यालय पर 1,10,055 रुपये तथा झाझा थाना परिसर पर 95,615 रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसके अलावा अन्य विभागों पर भी अलग-अलग राशि लंबित है।
विद्युत आपूर्ति बाधित करने की होगी कार्रवाई
सूची में सबसे कम बकाया बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम पर 30,486 रुपये दर्ज किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से लंबित इन बकाया राशि की वसूली के लिए संबंधित विभागों को अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है।
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निर्धारित समय के भीतर भुगतान अथवा आवश्यक सामंजस्य नहीं होने पर विद्युत आपूर्ति बाधित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इससे कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
आम उपभोक्ताओं के विरुद्ध बकाया वसूली में सख्ती बरतने वाले बिजली विभाग के सामने अब अपने ही सरकारी विभागों से राजस्व वसूली की चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि संबंधित विभाग समय रहते बकाया राशि का भुगतान करते हैं या फिर नियमों के तहत कार्रवाई की नौबत आती है।
सरकार द्वारा ही विभाग को पेमेंट दिया जाता है। आवंटन आने के बाद भुगतान किया जाता है। - संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, जमुई