CM नीतीश को 202 विधायकों का समर्थन, फिर भी राज्यसभा क्यों? PK का हमला- क्या अब दिल्ली से चलेगी बिहार सरकार
प्रशांत किशोर ने जमुई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 202 विधायकों के समर्थन के ...और पढ़ें

नीतीश के फैसले पर प्रशांत किशोर का वार, बोले—अब बिहार नहीं, बाहर के हित होंगे हावी
HighLights
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना सवालों के घेरे में।
प्रशांत किशोर बोले, बिहार सरकार दिल्ली से चलेगी।
युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ेगा: पीके।
संवाद सहयोगी, जमुई। जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 202 विधायकों के समर्थन के बावजूद उनका राज्यसभा जाना कई सवाल खड़े करता है।
बहुमत काम से नहीं, वोट खरीदकर मिला
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार को मिला बहुमत जनता के भरोसे या काम के आधार पर नहीं, बल्कि पैसे के बल पर हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के सहयोग से यह स्थिति बनी है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह से सरकार बनी है, उससे साफ है कि आगे सरकार का संचालन भी बाहरी ताकतों के प्रभाव में होगा।
दिल्ली से चलेगी बिहार सरकार
उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार अब केंद्र के इशारे पर चलेगी। नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि असल नियंत्रण दिल्ली के हाथ में रहेगा। किशोर ने कहा कि भविष्य में जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, वह बिहार के बजाय दूसरे राज्यों के हितों को प्राथमिकता देगा।
बिहार के युवा बनेंगे मजदूर
प्रशांत किशोर ने कहा कि मौजूदा हालात में बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों, खासकर गुजरात, जाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की नीतियां स्थानीय रोजगार के बजाय बाहर के उद्योगों को लाभ पहुंचाने वाली होंगी। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग सिर्फ मजदूर बनकर रह जाएंगे, जबकि दूसरे राज्य उद्योगों के मालिक बनेंगे।
जनसुराज का लक्ष्य अलग
उन्होंने कहा कि जनसुराज अभियान का उद्देश्य बिहार को फिर से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। उनका सपना है कि एक दिन दूसरे राज्यों के लोग रोजगार के लिए बिहार आएं। किशोर ने कहा कि सिर्फ चुनाव जीतना उनका लक्ष्य नहीं है, बल्कि बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना उनकी प्राथमिकता है।
पांच साल में नहीं सुधरेगी व्यवस्था
उन्होंने दावा किया कि अगले पांच वर्षों में बिहार में न तो भ्रष्टाचार खत्म होगा, न शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा और न ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उनका कहना था कि जनता ने जिन मुद्दों पर वोट दिया है, उससे इन क्षेत्रों में बदलाव की उम्मीद कम ही है।
परिवारवाद पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार जीवनभर परिवारवाद का विरोध करते रहे, लेकिन अब राज्यसभा जाते समय अपने बेटे को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसे उनके पुराने रुख के विपरीत बताते हुए कहा कि इससे उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
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