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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जमुई जिले के 41 KM रेलवे ट्रैक की सुरक्षा में लगी 14 टीमें, यहां से गुजरती हैं Vande Bharat और Duronto Express

    Updated: Thu, 27 Feb 2025 09:54 PM (IST)

    झाझा-मननपुर रेलखंड के 41 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस ट्रैक पर राजधानी दूरंतो और वंदे भारत जैसी 62 जोड़ी ट्रेनें चलती हैं ...और पढ़ें

    रेलवे ट्रैक पर कार्य करते पीडब्लूआई के कर्मचारी। (जागरण)
    रेलवे ट्रैक पर कार्य करते पीडब्लूआई के कर्मचारी। (जागरण)

    HighLights

    1. राजधानी, दूरंतो और वंदे भारत जैसी 62 जोड़ी ट्रेनें दौड़ती हैं इस ट्रैक पर
    2. हाल के दिनों में झाझा के पास रेल ट्रैक से बढ़ी है छेड़छाड़

    सत्यम कुमार सिंह, झाझा (जमुई)। किऊल-जसीडीह रेलखंड पर इन दिनों शरारती तत्व सक्रिय हैं। इसे देखते हुए झाझा-मननपुर रेलखंड के 41 किलोमीटर रेलवे ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

    पहले ठंड में रेल ट्रैक की विशेष निगरानी होती थी। अब हाल की घटनाओं के बाद स्थिति बदल गई है। सिमुलतला में फिश प्लेट खोलने एवं रानीकुरा रेल पटरी काटने की घटना के बाद रेलवे अलर्ट मोड में है। दानापुर डिवीजन में आने वाली 41 किलोमीटर की पटरी की निगरानी के लिए 14 टीमें लगी हैं। हर टीम में दो-दो सदस्य हैं।

    रात-दिन हो रही निगरानी

    यह टीम झाझा से मननपुर तक रात-दिन रेल ट्रैक की निगरानी कर रही है। प्रत्येक टीम को तीन किलोमीटर की जिम्मेदारी दी गई है। रेल पुलिस ने भी इन टीमों के संपर्क में रहने का निर्णय लिया है। झाझा पीडब्लूआई के अंदर झाझा से मननपुर रेलखंड पड़ता है।

    पीडब्लूआई रेलवे ट्रैक का देखभाल करते आ रही है। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा का जिम्मा आरपीएफ के पास है। पीडब्लूआई के पदाधिकारी ने बताया कि कुछ घटनाओं के कारण रेलवे को गर्मियों में भी दिन-रात रेल ट्रैक की रखवाली करनी पड़ रही है।

    चौरा, दादपुर, रानीकुरा एवं बाराजोर के समीप कई बार रेलवे ट्रैक के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई है। आसनसोल-झाझा-पटना रेलखंड को सुरक्षा कवच में शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए रेलवे अधिकारियों ने प्रस्ताव दिया है, लेकिन अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है।

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    शरारती तत्व घटनाओं को दे रहे अंजाम

    इस रेलखंड पर 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ रही हैं। इस ट्रैक से रोज 62 जोड़ी यात्री ट्रेनें व 16 जोड़ी मालगाड़ियां गुजरती हैं। इनमें दुरंतो, राजधानी, हमसफर, वंदे भारत, पंजाब मेल, अकालतख्त, कुंभ, गरीब रथ, जनशताब्दी, विभूति, पूर्वांचल, पूर्वा एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं।

    हाल में इस रेलखंड पर पटरी काटने, विस्फोटक की बरामदगी और पेंड्रल क्लिप सहित फिश प्लेटें खोलने का मामला सामने आ चुका है।

    रेलवे लाइन से छेड़छाड़ की घटनाएं हाल में कुछ ज्यादा घट रही हैं। रेलवे पदाधिकारी एवं कर्मचारी इस पर ध्यान रख रहे हैं। सुरक्षा कवच की व्यवस्था हो जाने से काफी राहत मिलेगी। - रवि गुप्ता, ट्रैफिक निरीक्षक, झाझा

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