कम समय में ज्यादा मुनाफा! कैमूर के किसान ने 20 एकड़ में की 'गर्मा धान' की खेती; ₹4500 क्विंटल बिकेगा चावल
कैमूर के बिउरी गांव में किसान कृष्णानंद सिंह ने 20 एकड़ में गर्मा धान की खेती कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्थापित की है। यह खेती कम समय में अधिक मु ...और पढ़ें

20 एकड़ में की 'गर्मा धान' की खेती
HighLights
किसान कृष्णानंद सिंह ने 20 एकड़ में की गर्मा धान की खेती।
60-90 दिनों में तैयार होती है यह मुनाफेदार फसल।
खाली समय का सदुपयोग कर किसान कमा रहे अतिरिक्त आय।
संवाद सूत्र, चांद। प्रखंड के विउरी गांव में गर्मा धान की खेती चर्चा का विषय बनी हुई है। विउरी गांव निवासी किसान कृष्णानंद सिंह के द्वारा 20 एकड़ खेत में गर्मा धान की खेती की गई है। यह खेती ऐसे समय में की गई है जब खेती भी खाली हैं और किसान भी।
लेकिन अपने खाली समय का सदुपयोग कर किसान कृष्णानंद सिंह दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। उन्होंने बताया कि गर्मा धान की खेती गेहूं की फसल कटने के बाद की जाती है। फरवरी माह के अंतिम व मार्च माह की शुरुआत के बीच इसका बिचड़ा डाला जाता है।
60 से 90 दिनों में फसल तैयार
बिचड़ा तैयार होने पर रोपनी शुरू हो जाती है। गर्मी व धूप के चलते सुबह में ही रोपनी का कार्य होता है। यह फसल लगभग 60 से 90 दिन के बीच में तैयार हो जाती है। उन्होंने बताया कि इसका बिचड़ा उतराखंड से मंगाया गया था। एक क्विंटल बीज से 20 एकड़ खेत में रोपनी की गई है।
रोपनी के बाद लगभग पांच या छह बार इसकी सिंचाई करनी पड़ती है। इसके लिए सबमर्सिबल की व्यवस्था है। उसी से सिंचाई की जाती है। आगामी कुछ दिनों में फसल पक जाएगी।
गर्मा धान के पौधे पकते नहीं
उन्होंने बताया कि गर्मा धान के पौधे पकते नहीं वे हरे ही रह जाते हैं, सिर्फ उनकी बालियां पकती हैं। फसल की कटाई के बाद अवशेष को खेत में ही छोड़ दिया जाता है। जिसे जोतवा कर छोड़ने से जैविक खाद बन जाता है। जो खरीफ फसल की खेती में काम आता है।
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उन्होंने बताया कि गर्मा धान के चावल की कीमत भी महीन चावल की तरह मिलता है। प्रति क्विंटल 42 साै से 45 सौ रुपये मिल जाता है। इससे अच्छी आमदनी हो जाती है।
गर्मा धान की खेती कर किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। कृष्णानंद सिंह ने 20 एकड़ में इसकी खेती की है। फसल अच्छी है। इससे अन्य किसानों को प्रेरणा लेने की जरूरत है। खाली समय का सदुपयोग किसान कर सकते हैं। -मोहन दास, बीएओ
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