कैमूर के गांवों की बदली तस्वीर: 175 घरों के छत पर लगा सोनर पैनल, कई परिवारों का बिजली बिल जीरो
कैमूर जिले में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 175 परिवारों ने सोलर रूफटॉप लगाकर बिजली उत्पादन शुरू किया है। इससे कई परिवारों का मासिक बिजली बि ...और पढ़ें
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HighLights
कैमूर में 175 परिवारों ने सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाकर बिजली उत्पादन शुरू किया।
योजना से कई परिवारों का मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है।
सरकार 1 से 3 किलोवाट पर 30 से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी देती है।
जागरण संवाददाता, भभुआ। देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और हर घर तक सस्ती बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का असर अब कैमूर जिले में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक कुल 175 परिवारों ने अपने घरों की छतों पर सोलर रूफटाप सिस्टम लगाकर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है।
इसका सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि कई परिवारों का मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है, सौर ऊर्जा अपनाने वाले परिवार दिनेश कुमार सिंह, मोनू कुमार, शांति देवी, विनय तिवारी का कहना है कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब वही बिजली उनके घर की छत पर लगे संयंत्र से तैयार हो रही है। इससे घरेलू खर्च कम हुआ है और परिवार आर्थिक रूप से अधिक सशक्त महसूस कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यह योजना केवल बिजली उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। जिले में योजना के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए बिजली विभाग और संबंधित एजेंसियां भी लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित शिविरों के माध्यम से लोगों को सौर ऊर्जा के लाभ, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाली सरकारी सब्सिडी की जानकारी दी जा रही है। इसके परिणामस्वरूप अब बड़ी संख्या में लोग इस योजना से जुड़ने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
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कैमूर जिले में भी यह योजना धीरे-धीरे लोगों के जीवन में बदलाव ला रही है। सोलर पैनल लगने के बाद दिन के समय बनने वाली बिजली सीधे घरों में उपयोग हो रही है। पंखा, कूलर, फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन, पानी की मोटर सहित अन्य घरेलू उपकरण बिना किसी अतिरिक्त खर्च के संचालित हो रहे हैं। इससे बिजली बिल में भारी कमी आई है।
गांवों में बदली विकास की तस्वीर
सौर ऊर्जा का लाभ केवल घरों तक सीमित नहीं है। गांवों के स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्र भी इससे लाभान्वित हो रहे हैं। नियमित बिजली उपलब्ध होने से स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है। स्मार्ट टीवी, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई आसान हो रही है।
वहीं स्वास्थ्य उपकेंद्रों में दवाओं और टीकों को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखना संभव हो गया है। बिजली बाधित होने की समस्या कम होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है। सौर ऊर्जा पूरी तरह स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का स्रोत है।
25 वर्षों तक मिलेगा लाभ
सोलर रूफटाप सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लंबी आयु है। एक बार सिस्टम स्थापित होने के बाद लगभग 25 वर्षों तक बिजली उत्पादन करता है। सामान्य रखरखाव के साथ उपभोक्ता लंबे समय तक इसका लाभ उठा सकते हैं।
शुरुआती लागत के बाद बिजली उत्पादन लगभग मुफ्त हो जाता है। विभाग की माने तो कुछ वर्षों में ही सिस्टम की लागत की भरपाई हो जाती है और उसके बाद उपभोक्ता लगातार आर्थिक लाभ प्राप्त करते रहते हैं।
मिलता है सरकारी अनुदान
पीएम सूर्य घर योजना के तहत सरकार पात्र उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। सोलर पैनल की क्षमता के अनुसार अनुदान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। एक किलोवाट सोलर सिस्टम पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट सोलर सिस्टम पर 60 हजार रुपये व 3 किलोवाट सोलर सिस्टम पर 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है।
शेष राशि के लिए आसान किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। योजना के तहत बिजली उपभोक्ता अपने घर की छत पर सोलर रूफटाप लगाने के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद संबंधित एजेंसी द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाता है। स्वीकृति मिलने के बाद अधिकृत विक्रेता द्वारा सोलर सिस्टम लगाया जाता है।
ऐसे काम करता है सोलर सिस्टम
घर की छत पर लगाए गए सोलर पैनल सूर्य की किरणों को अवशोषित कर उन्हें डीसी डायरेक्ट करंट बिजली में बदलते हैं। इसके बाद इन्वर्टर इस डीसी बिजली को एसी में परिवर्तित करता है, जिससे घर के सभी विद्युत उपकरण आसानी से संचालित होते हैं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा उपलब्ध कराना है। कैमूर जिले में योजना के प्रति लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है और अब तक 175 परिवार अपने घरों पर सोलर रूफटाप सिस्टम लगाकर लाभान्वित हुए हैं विभाग द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
राकेश प्रभाकर विद्युत सहायक अभियंता