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    कैमूर के अनुमंडल अस्पताल में बवाल, परिजनों ने डॉक्टर को पीटा; 3 घंटे तक बंद रही OPD

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 08:42 PM (IST)

    मोहनियां अनुमंडल अस्पताल में एक घायल को मृत घोषित करने पर परिजनों ने डॉक्टर से मारपीट की और जमकर बवाल काटा। इस घटना के विरोध में अस्पताल की ओपीडी सेवा ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. घायल को मृत घोषित करने पर परिजनों ने डॉक्टर से मारपीट की।

    2. घटना के विरोध में अस्पताल की ओपीडी सेवा तीन घंटे बंद रही।

    3. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    संवाद सहयोगी, मोहनियां। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को सोमवार की रात अनुमंडल अस्पताल में लाया गया था, जिसे ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रदीप कुमार ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद साथ आए लोगों ने जमकर बवाल काटा। अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए चिकित्सक की पिटाई की।

    इस दौरान मौजूद मोहनियां थाना की पुलिस व अस्पताल के सुरक्षा गार्ड मूक दर्शक बने रहे। सूचना मिलते ही अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अविनाश सिंह पहुंचे। पुलिस पदाधिकारियों को सूचना दी।

    मोहनियां के सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर सुनील कुमार निर्झर, प्रभारी थानाध्यक्ष दीपक कुमार पुलिस बल के साथ अनुमंडल अस्पताल पहुंचे। इसके बाद मामला शांत हुआ।

    सड़क दुर्घटना में हुए थे घायल

    प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात मोहनियां थाना से करीब पांच सौ गज पश्चिम जीटी रोड के उत्तरी सर्विस लेन में स्कार्पियो की चपेट में आने से चैनपुर थाना क्षेत्र के नौघरा निवासी 40 वर्षीय गुफरान खान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लेकर स्वजन अनुमंडल अस्पताल पहुंचे।

    ड्यूटी पर तैनात डॉ. प्रदीप कुमार ने जांच के बाद गुफरान को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद साथ आए लोग उग्र हो गए। चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मारपीट करने लगे। पूरा घटना क्रम अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।

    आश्चर्य की बात यह रही की घटना के समय अनुमंडल अस्पताल में मोहनियां थाना की पुलिस मौजूद थी। अस्पताल के सुरक्षा गार्ड भी थे। लेकिन इनके द्वारा बीच बचाव नहीं किया गया।

    घटना के विरोध में तीन घंटे बंद रही अस्पताल की ओपीडी सेवा

    चिकित्सक के साथ मारपीट की घटना के विरोध में मंगलवार को अनुमंडल अस्पताल की ओपीडी सेवा तीन घंटे बंद रही, जिसके कारण अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी थी। चिकित्सक मारपीट के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे।

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    चिकित्सक के साथ मारपीट व ओपीडी बंद होने की सूचना मिलने पर एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी व सिविल सर्जन डा. चंदेश्वरी रजक, सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर सुनील कुमार निर्झर अनुमंडल अस्पताल पहुंचे। मारपीट के आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग पर अड़े चिकित्सकों से बात की।

    24 घंटे के अंदर आरोपितों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर माने चिकित्सक

    एसडीएम ने चिकित्सकों से ओपीडी सेवा शुरू करने का आग्रह किया। कहा कि अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी है। जनहित को ध्यान में रखकर इनका इलाज किया जाए। एसडीएम ने पुलिस पदाधिकारियों से बात की।

    24 घंटे के अंदर आरोपितों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद चिकित्सक काम करने पर राजी हो गए। सिविल सर्जन ने कहा कि 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होने पर चिकित्सक आगे की रणनीति तय करेंगे।

    चिकित्सक के साथ मारपीट मामले में थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी

    अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अविनाश सिंह ने कहा कि चिकित्सक के साथ मारपीट की घटना के बाद मोहनियां थाना में अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध प्राथमिकी कराई गई है।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करे। इस संबंध में सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि चिकित्सक से मारपीट के मामले में अज्ञात के विरुद्ध थाना में प्राथमिकी की गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

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