कैमूर में NH-19 पर रहा नालियों का गंदा पानी, करोड़ों की जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
कैमूर के कुदरा में NH-19 पर करोड़ों की लागत से बनी जल निकासी व्यवस्था बरसात में फेल हो गई है, जिससे सड़क पर पानी बह रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ ग ...और पढ़ें

नालियों का गंदा पानी
HighLights
NH-19 पर करोड़ों की जल निकासी व्यवस्था विफल।
नालियों का पानी सड़क पर, दुर्घटनाओं का खतरा।
स्थानीय लोगों ने अधूरे कार्यों को पूरा करने की मांग की।
संवाद सूत्र, कुदरा। स्थानीय प्रखंड क्षेत्र से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई जल निकासी व्यवस्था बरसात शुरू होते ही सवालों के घेरे में आ गई है। कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़क पर ही बह रहा है, जबकि कुछ जगहों पर नालियां अधूरी छोड़ दी गई हैं।
इससे न केवल राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। कुदरा क्षेत्र में एनएच-19 के किनारे बनाए गए कंक्रीट ड्रेनेज सिस्टम का उद्देश्य वर्षा एवं गंदे पानी का सुरक्षित निकास सुनिश्चित करना था।
लेकिन कई स्थानों पर नालियों को प्राकृतिक जल निकासी स्रोतों या आउटलेट से नहीं जोड़ा गया है। परिणामस्वरूप नालियों का पानी सड़क पर फैल रहा है और जलजमाव की स्थिति बन रही है। इससे सड़क की सतह भी प्रभावित हो रही है तथा दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
निर्माण के दौरान गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की अनदेखी
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों के निर्माण के दौरान गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई। कई स्थानों पर नालियां अधूरी पड़ी हैं, कहीं ढक्कन नहीं लगाए गए हैं तो कहीं निकासी का मार्ग ही नहीं बनाया गया है। बरसात के दौरान गंदा पानी सड़क पर बहने से पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की प्रभावी निगरानी नहीं की गई, जिसके कारण कमियां समय रहते दूर नहीं हो सकीं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव में जल निकासी व्यवस्था को सड़क की दीर्घ आयु और यातायात सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि वर्षा का पानी समय पर नहीं निकले तो सड़क की परतें कमजोर होती हैं, गड्ढे बनने लगते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
अधूरे कार्यों को पूरा करने की मांग
स्थानीय लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और संबंधित निर्माण एजेंसी से नालियों की तकनीकी जांच कराकर अधूरे कार्यों को पूरा करने, निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।