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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Agricultural: रासायनिक खाद का अगर आप भी कर रहे धड़ल्ले से उपयोग तो सावधान, कुछ ही साल में बर्बाद हो सकती है आपकी जमीन

    By Rajeev ChoudharyEdited By: Mohit Tripathi
    Updated: Wed, 20 Dec 2023 06:09 PM (IST)

    Bihar News कृषि कार्य में रासायनिक खाद का कम से कम उपयोग करने को लेकर किसानों को जागरूक करने के लिए कई तरह का जागरूकता कार्यक्रम कृषि विभाग द्वारा चला ...और पढ़ें

    Agricultural: रासायनिक खाद का अगर आप भी कर रहे धड़ल्ले से उपयोग तो सावधान।
    Agricultural: रासायनिक खाद का अगर आप भी कर रहे धड़ल्ले से उपयोग तो सावधान।

    HighLights

    1. फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक खाद का धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे किसान।
    2. रासायनिक उर्वरक के इस्तेमाल से घट रही खेतों की उर्वरा शक्ति।

    संवाद सूत्र, बलरामपुर (कटिहार)। कृषि कार्य में रासायनिक खाद का कम से कम उपयोग करने को लेकर किसानों को जागरूक करने के लिए कई तरह का जागरूकता कार्यक्रम कृषि विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। जैविक खेती को लेकर भी किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।

    इसके बावजूद इसके किसान किसान धड़ल्ले से रासायनिक उर्वरक का इस्तेमाल खेती में कर रहे हैं। इस कारण खेतों की उर्वरा शक्ति भी घट रही है।

    रसायनिक उर्वरक से फसलों का उत्पादन बढ़ता तो है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव से किसान अनजान हैं। रसायनिक उर्वरक के अधिक इस्तेमाल से इससे उत्पादित फसल भी स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं माना जाता है।

    क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?

    सहायक तकनीकी प्रबंधक ललन कुमार ने बताया कि समय समय पर कृषि विशेषज्ञों द्वारा रासायनिक उर्वरक के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव एवं जैविक उर्वरक के उपयोग से होने वाले फायदे को लेकर किसानों को जागरूक किया जाता है।

    बंजर हो रही जमीन

    उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हरित जैविक उर्वरक के उपयोग से हरित क्रांति लाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिक रासायनिक उर्वरक का उपयोग से पर्यावरण दूषित होने के साथ जमीन भी बंजर होती जा रही है। इसके कुप्रभाव से हमारे आने वाली पीढ़ी को सामना करना पड़ेगा।

    जैविक उर्वरक से होती है अधिक पैदावार

    जैविक उर्वरक से भी अधिक पैदावार होती है और जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। सरकार जैविक खाद तैयार करने के लिए विभिन्न तरह की योजनाएं चला रही है। इसका लाभ लेकर किसान अपनी भूमि की उर्वरा शक्ति की रक्षा कर सकती है। समय रहते अगर किसान इन बातों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो आने वाले समय में स्थिति भयावह हो सकती है।

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