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    बिहार दर्शन योजना: सरकारी अफसरों को हर 3 महीने में करना होगा टूर, कटिहार के इन स्थलों को मिलेगा नया जीवन  

    Updated: Wed, 27 May 2026 03:48 AM (IST)

    बिहार सरकार की बिहार दर्शन योजना से कटिहार के पर्यटन स्थलों का विकास होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इस योजना से गोरखनाथ धाम, गोगाबिल झील ...और पढ़ें

    गोरखनाथ धाम। फोटो जागरण

    गोरखनाथ धाम। फोटो जागरण

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    संवाद सूत्र, आजमनगर (कटिहार)। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी बिहार दर्शन योजना से कटिहार जिले के पर्यटन स्थलों के विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है।

    योजना के तहत राज्य के सरकारी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रत्येक तीन माह में कम-से-कम एक बार दो दिनों के लिए अपने गृह जिले से बाहर किसी अन्य जिले के पर्यटन, इको-टूरिज्म अथवा ग्रामीण पर्यटन स्थलों का भ्रमण करना होगा।

    सरकार की इस पहल से जिले के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक महत्व वाले पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

    गोरखनाथ धाम बनेगा प्रमुख आकर्षण

    जिले का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोरखनाथ धाम इस योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी बन सकता है। आस्था का प्रमुख केंद्र होने के बावजूद यहां पर्यटन सुविधाओं का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है।

    अब पर्यटकों और सरकारी अधिकारियों के बढ़ते आगमन को देखते हुए सड़क, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, ठहराव एवं स्थानीय बाजारों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय दुकानदारों, वाहन चालकों और छोटे व्यवसायियों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

    अन्य पर्यटन स्थलों पर भी बढ़ेगी रौनक

    योजना का लाभ जिले के अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को भी मिलने की संभावना है। गोगाबिल झील, बरारी गुरुद्वारा, मनिहारी गंगा घाट तथा त्रिमोहनी संगम जैसे स्थल पर्यटन गतिविधियों के केंद्र बन सकते हैं। गंगा तट की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व इन स्थलों को पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।

    होम-स्टे से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

    सरकार द्वारा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत स्थानीय परिवार पर्यटकों को ठहरने की सुविधा और पारंपरिक भोजन उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। इससे ग्रामीण संस्कृति, लोक परंपराओं और स्थानीय व्यंजनों को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

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    स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए तो कटिहार का पर्यटन क्षेत्र आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। बिहार दर्शन योजना को जिले के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

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