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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Flood News: गंगा-कोसी में उफान, निचले इलाके में घुसा बाढ़ का पानी; लोगों को सताने लगा सांप-बिच्छू का डर

    Updated: Fri, 09 Aug 2024 04:39 PM (IST)

    Bihar Flood News In Hindi गंगा और कोसी नदी (Ganga And Koshi River) में तीन दिनो से तेजी से बाढ पानी बढ रहा है। जिससे कुरसेला प्रखंड मे बाढ का खतरा मडर ...और पढ़ें

    गंगा-कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाके में फैला बाढ़ का पानी
    गंगा-कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाके में फैला बाढ़ का पानी

    HighLights

    1. बाघमारा गांव में जाने के लिए केवल एक नाव उपलब्ध
    2. बाढ़ के पानी से डूबे फसल, किसानों को हो रही परेशानी
    3. पानी बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

    संवाद सूत्र, कुरसेला (कटिहार)। कटिहार जिले के बाघमारा गांव में एनएच-31 सड़क पर पानी चढ़ गया है। इससे आवागमन बाधित हो गया। गंगा और कोशी नदी में जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है।

    बाघमारा गांव में जाने के लिए केवल एक नाव उपलब्ध है। शिक्षक-शिक्षिका और ग्रामीण आवागमन के लिए इस नाव का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत बचाव की मांग की है।

    एक डेंगी नाव के सहारे हो रहा है आवागमन

    जिन इलाकों में बाढ़ का पानी फैला है, वहां एक डेंगी नाव के सहारे आवागमन हो रहा है। प्रखंड क्षेत्र के शेरमारी, चांयटोला, खरवार टोला, खेरिया, तीनघरिया, बालू टोला, पत्थर टोला, कमलाकान्ही, बसुहार मजदिया, बाघमारा, पचखुटी, मेहर टोला, आदि गांवों के आस-पास बाढ़ के पानी का फैलाव तेजी से हो रहा है।

    लोगों को सरकारी स्तर पर नाव उपलब्ध नही होने से काफी परेशानी हो रही है। जिससे दर्जनों परिवारों काे अपने जरूरत के सामानों की भरपाई में भी परेशानी हो रही है।

    रात में सता रहा सांप-बिच्छू का डर

    वहीं, रात के समय सांप बिच्छू का डर सताने लगता है। नदी के जलस्तर में वृद्धि से निचले भूभाग में लगे मक्का, और धान सहित खरीफ फसलों को बाढ़ में डूबने का खतरा बढ़ गया है।

    पशुपालकों ने बताया कि बाढ़ के पानी में बड़े भूभाग डूब जाने से हरा पशुचारा का आभाव पड़ गया है। जिससे पशुपालकों ने ऊंचे स्थान सड़क और बांध पर शरण लेना शुरू कर दिया है। इसी प्रकार, यदि जलस्तर का बढ़ना जारी रहा तो प्रखंड क्षेत्र के गांव बाढ़ ग्रस्त हो सकता है।

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