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    पीएम आवास योजना: पहली किस्त लेकर भी नहीं बनाया घर, कटिहार में 200 से अधिक लाभार्थियों पर होगी कार्रवाई

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 02:08 PM (GMT+05:30)

    कटिहार नगर निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त लेने के बावजूद मकान निर्माण शुरू न करने वाले 200 से अधिक लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई का फैसल ...और पढ़ें

    पहली किस्त लेकर भी नहीं बनाया घर, कटिहार में 200 से अधिक लाभार्थियों पर होगी कार्रवाई

    पहली किस्त लेकर भी नहीं बनाया घर, कटिहार में 200 से अधिक लाभार्थियों पर होगी कार्रवाई

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    संवाद सहयोगी, कटिहार। नगर निगम क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत पहली किस्त की राशि लेने के बावजूद आवास निर्माण शुरू नहीं करने वाले 200 से अधिक लाभुकों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे लाभुकों पर नीलाम पत्र (सर्टिफिकेट केस) की कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    नगर आयुक्त संतोष कुमार ने बताया कि आवासविहीन परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम के विभिन्न वार्डों के चयनित लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार रुपये की राशि दी गई थी। इसके बावजूद 200 से अधिक लाभुकों ने अब तक आवास निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है।

    नगर निगम में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के प्रभारी आदित्य कुमार झा ने बताया कि वर्ष 2017-18 में नगर निगम क्षेत्र के 2,473 लाभुकों का चयन किया गया था। इनमें लगभग 1,400 लाभुकों ने अपने आवास का निर्माण पूरा कर लिया है, जबकि कई अन्य लाभुकों का निर्माण कार्य जारी है।

    हालांकि, 200 से अधिक लाभुक ऐसे हैं जिन्होंने पहली किस्त प्राप्त करने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया।

    उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा ऐसे लाभुकों को तीन से चार बार नोटिस जारी कर निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर उनके विरुद्ध नीलाम पत्र की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को अनुशंसा भेजी गई है।

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    अनुशंसा के आधार पर अब कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पात्र लाभुकों को आवास निर्माण के लिए सरकार द्वारा कुल दो लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है।

    नगर निगम प्रशासन का कहना है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं जरूरतमंदों को मिलना चाहिए, जो निर्धारित समय में आवास निर्माण पूरा करें।