350 KM की कठिन दंडवत यात्रा: बीमार बच्चा स्वस्थ हुआ तो संकल्प निभाने निकले पति-पत्नी, हर कोई कह रहा हर-हर महादेव
कटिहार में एक दंपती अपने बीमार बच्चे के स्वस्थ होने की मन्नत पूरी करने के लिए पश्चिम बंगाल से देवघर तक 350 किमी की दंडवत यात्रा कर रहा है। सावन माह मे ...और पढ़ें

पश्चिम बंगाल के पंजीपाड़ा से देवघर के लिए निकले शिवभक्त तिलक घोष और उनकी पत्नी, 10 दिन में पहुंचे कटिहार के गेड़ाबाड़ी
HighLights
दंपती 350 KM की दंडवत यात्रा पर देवघर जा रहा है।
बच्चे के स्वस्थ होने की मन्नत पूरी करने को यात्रा।
स्थानीय लोग श्रद्धा से प्रभावित, रास्ते में कर रहे सेवा।
संवाद सहयोगी, गेड़ाबाड़ी (कटिहार)। सावन माह के पावन अवसर पर भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और समर्पण का अद्भुत नजारा बिहार के कटिहार में देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल के पंजीपाड़ा निवासी श्रद्धालु तिलक घोष अपनी पत्नी के साथ भीषण गर्मी और कठिन डगर के बीच दंडवत यात्रा (कष्टप्रद यात्रा) करते हुए झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की ओर बढ़ रहे हैं। उनकी इस कठिन साधना और अटूट श्रद्धा को देखकर राहगीर और स्थानीय लोग दंग हैं।
जब बच्चा हुआ गंभीर बीमार, तो मांगी थी मन्नत
श्रद्धालु तिलक घोष ने अपनी इस कठिन यात्रा का कारण बताते हुए कहा कि करीब छह महीने पहले उनका मासूम बच्चा बेहद गंभीर बीमारी की चपेट में आ गया था। हर तरफ से निराशा मिलने के बाद उन्होंने और उनकी पत्नी ने भगवान भोलेनाथ की शरण ली और मन्नत मांगी कि बच्चा स्वस्थ हो गया तो वे पश्चिम बंगाल से देवघर तक दंडवत यात्रा करेंगे। बाबा की कृपा से बच्चा पूरी तरह ठीक हो गया, जिसके बाद दोनों अपने इस कठिन संकल्प को पूरा करने निकल पड़े।
10 दिन में 350 KM की यात्रा: पंजीपाड़ा (बंगाल) से देवघर की दूरी 350 किलोमीटर से भी अधिक है। इसलिए सावन शुरू होने से पहले ही वे घर से निकल चुके थे और 10 दिनों में दंडवत करते हुए कटिहार के गेड़ाबाड़ी पहुंचे हैं।
अद्भुत ऊर्जा का अनुभव: तिलक घोष कहते हैं, "यह यात्रा केवल परंपरा नहीं, बल्कि महादेव के प्रति हमारी कृतज्ञता है। राह की हर मुश्किल बाबा की कृपा से आसान लग रही है और हर कदम पर नई ताकत मिल रही है।"
खबरें और भी
रास्ते में लोग कर रहे सेवा, गूंज रहे जयकारे
कठिन तपस्या में लीन इस दंपती का बिहार के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय लोग गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं। राहगीर और ग्रामीण उन्हें पेयजल, फल और जरूरत का सामान उपलब्ध करा रहे हैं। पूरे मार्ग में "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष गूंज रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।