विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गंगा-कोसी खतरे के निशान के पार, कटिहार के गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; बेबस हुए परिवार

Published: Thu, 27 Aug 2026 08:33 PM (IST)

बरारी (कटिहार) में गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

गंगा-कोसी खतरे के निशान के पार, कटिहार के गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; बेबस हुए परिवार

गंगा-कोसी खतरे के निशान के पार, कटिहार के गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; बेबस हुए परिवार

HighLights

  1. गंगा-कोसी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर।

  2. बरारी के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश।

  3. फसलें डूबीं, पशुपालक और ग्रामीण कर रहे पलायन।

संवाद सूत्र, बरारी (कटिहार)। बरारी क्षेत्र में गंगा-कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से खतरे के निशान को पार कर गया है। गंगा कोसी के इस बढ़ते रौद्र रूप ने एक बार फिर नदी भाग के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निचले इलाकों के करीब दर्जन भर गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है।

इसके साथ ही आवागमन के लिए लोग फिर से नाव पर निर्भर हो गए हैं। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से गुरमेला, वैशागोविंदपुर, पूर्वी बारीनगर, मोहनाचांदपुर समेत करीब आधा दर्जन पंचायतों के नदी भाग के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है।

इससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है। बेबस ग्रामीण चूल्हा-चौकी और जरूरी सामान लेकर सुरक्षित ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट गए हैं।

गुरमेला पंचायत के मुखिया राजकुमार यादव, पंचायत समिति सदस्य मिथिलेश यादव, वार्ड सदस्य सुरेश सिंह व वार्ड सदस्य प्रकाश सिंह ने बताया कि घनी आबादी वाले सीज टोला गांव के वार्ड संख्या एक, दो, तीन और 10 में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जिससे प्रभावित परिवार ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे है।

वहीं, वार्ड संख्या आठ और नौ में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने आवागमन की सुविधा के लिए प्रशासन से नाव उपलब्ध कराने की मांग की है।

गंगा दियारा से पशुपालकों ने शुरू किया पलायन

जलस्तर में लगातार वृद्धि से बरारी-कुर्सेला के गंगा दियारा क्षेत्र के पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है। पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।

वहीं, सैकड़ों एकड़ में लगी धान, भदई मक्का और परवल की फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। इससे भी किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।

गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए आवागमन की सुविधा के लिए आवश्यकता के अनुसार नावों की उपलब्धता कराई जा रही है। प्रशासन की ओर से नदी भाग के इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों की जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। - मनीष कुमार, अंचल पदाधिकारी बरारी (कटिहार)

नदी जलस्तर रिपोर्ट

नदी आज जलस्तर खतरे का निशान स्थिति
गंगा 30.42 मीटर 29.87 मीटर 55 सेमी ऊपर
बरंडी 31.12 मीटर 30.60 मीटर 52 सेमी ऊपर
कोसी (कुर्सेला) 30.66 मीटर 30.00 मीटर 66 सेमी ऊपर
कारी कोसी (कुर्सेला) 28.13 मीटर 28.51 मीटर 38 सेमी नीचे

यह भी पढ़ें- ओडिशा: बैतरणी नदी में बाढ़ का कहर, NH-20 का 1 KM हिस्सा बहा; जाजपुर-भद्रक-केंद्रापड़ा का संपर्क टूटा

यह भी पढ़ें- गंडक में फ्लैश फ्लड का अलर्ट: बिहार में CM सम्राट ने किया हवाई सर्वे, प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश