Asha Bhosle Death: सुबह की शुरुआत जिनके गीतों से होती थी, उनके जाने से हर दिल उदास
कटिहार के आजमनगर में आशा भोसले के निधन की खबर से गहरा शोक है। बुजुर्गों ने बताया कि उनके गीत दिनचर्या का हिस्सा थे, सुबह की शुरुआत से लेकर अकेलेपन में ...और पढ़ें

सुबह की शुरुआत जिनके गीतों से होती थी, उनके जाने से हर दिल उदास (ANI)

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संवाद सूत्र, आजमनगर (कटिहार)। आशा भोसले के निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र के बुजूर्ग, अधेड़ों में शोक है। इलाके में आशा भाेसले के गीत ही गूंज रहा है। बुजुर्ग शिखा रानी झा की आंखें नम हो गईं।
उन्होंने कहा कि जब वे जवान थीं, तब सुबह की शुरुआत रेडियो पर आशाजी के गीतों से होती थी और हर काम उनकी आवाज के साथ ही करती थीं। बुढ़ापे में भी जब अकेलापन महसूस होता है, तब उनके गीत ही सहारा बनते थे।

उन्होंने कहा कि अब ऐसा लग रहा है जैसे कोई अपना बिछड़ गया हो। उनके इस भाव ने पूरे क्षेत्र की भावना को मानो शब्द दे दिए।
सेवानिवृत शिक्षक विवेकानंद राय ने बताया कि उनकी दिनचर्या में रेडियो पर आशाजी के गीत सुनना शामिल था और उन्हीं गीतों के साथ जीवन के कई पड़ाव बीते।

गायक मुकेश झा ने कहा कि उनके गाने केवल संगीत नहीं, बल्कि साधना का हिस्सा रहे हैं। हर कार्यक्रम की तैयारी उनके गीतों से शुरू होती थी और आज भी उनकी आवाज से ही सुर मिलते हैं।
व्यवसायी वीरेंद्र नाथ झा ने बताया कि दुकान खोलते ही रेडियो पर उनके गीत बजाना आदत थी। दिनभर की भागदौड़ में वही गीत सुकून देते थे और अब एक खालीपन सा महसूस हो रहा है।

गायिका एवं गृहिणी ज्योत्सना राय ने कहा कि रसोई का काम हो या हारमोनियम पर रियाज, हर समय आशाजी की आवाज साथ रहती थी। उनके गीत जैसे जीवन का हिस्सा बन गए थे। आशा भोसले की गायकी का जादू ऐसा था कि हर उम्र के लोग उनसे जुड़े रहे।
उन्होंने हर तरह के गीतों में अपनी अलग पहचान बनाई और अपनी आवाज से पीढ़ियों को जोड़ दिया। उनके निधन से आम जनमानस में गहरा शोक व्याप्त है, लेकिन उनकी आवाज और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।