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    कटिहार जिले में मानसून की बेरुखी से सूखने लगी धान की नर्सरी, रोपनी पर संकट

    Updated: Thu, 25 Jun 2026 03:56 PM (IST)

    मानसून की बेरुखी से कटिहार के पोठिया में धान की नर्सरी सूखने लगी है और रोपनी का कार्य प्रभावित हो रहा है। बारिश न होने से किसान महंगे पंपसेट पर निर्भर ...और पढ़ें

    कटिहार जिले में मानसून की बेरुखी से सूखने लगी धान की नर्सरी, रोपनी पर संकट

    कटिहार जिले में मानसून की बेरुखी से सूखने लगी धान की नर्सरी, रोपनी पर संकट

    HighLights

    1. पिछले पखवाड़े से बारिश न होने से धान की नर्सरी सूख रही है।

    2. महंगे डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई करने को मजबूर हैं किसान।

    3. जल्द बारिश न होने पर धान की खेती का चक्र प्रभावित होगा।

    संवाद सूत्र, पोठिया (कटिहार)। मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक पखवाड़े से बारिश नहीं होने के कारण धान की नर्सरी से लेकर रोपनी तक का कार्य प्रभावित हो रहा है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद वर्षा नहीं होने से किसानों की उम्मीदें टूट रही हैं।

    भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण खेतों में नमी खत्म होती जा रही है तथा धान का बिचड़ा कुम्हलाने लगा है। अषाढ़ माह में सामान्य रूप से धान की नर्सरी तैयार होने के साथ रोपनी का कार्य शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी के कारण प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश बहियारों में धान का बिचड़ा पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है।

    जिन किसानों ने किसी तरह बिचड़ा तैयार किया है, वे भी बारिश के इंतजार में बैठे हैं। बारिश नहीं होने से किसानों को पंपसेट के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है। महंगे डीजल और बढ़ती लागत ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं रहने के कारण रोपनी शुरू नहीं हो पा रही है।

    किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो धान की खेती का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है। किसान प्रदीप प्रभा, राकेश कुमार, हितेश कुमार, अर्जुन कुमार, नरेंद्र, मुकेश, खालिद, सोहराब, अरुण मंडल, मो मुस्ताक व मो पप्पू ने बताया कि पिछले वर्ष जून माह में अच्छी बारिश होने से धान का बिचड़ा लहलहा रहा था और रोपनी भी शुरू हो गई थी। इस बार लगातार पड़ रही तेज धूप के कारण नर्सरी बचाना ही चुनौती बन गया है।

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    किसानों ने कहा कि मानसून की सक्रियता में और देरी हुई तो रोपनी भी देर से होगी। भीषण गर्मी का असर फसलों के साथ-साथ आम जनजीवन और पशुधन पर भी दिखाई दे रहा है। दिनभर चल रही गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं, वहीं खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं।

    प्रखंड कृषि पदाधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि किसानों को समय पर धान का बीज उपलब्ध करा दिया गया है। किसान चौपाल के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक से खेती करने तथा मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में फसल प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। कहा कि पर्याप्त वर्षा होते ही रोपनी का कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा।