यूरिया की कालाबाजारी से किसान परेशान; खगड़िया में ₹266 के बैग के वसूले जा रहे ₹350, दुकानदारों की मनमानी से आक्रोश
खगड़िया में धान की रोपाई के बीच किसानों को यूरिया की कालाबाजारी का सामना करना पड़ रहा है, जहां ₹266 की बोरी ₹350 में बेची जा रही है। जिला कृषि विभाग प ...और पढ़ें

कृषि विभाग का दावा- जिले में पर्याप्त स्टॉक; यूरिया का 14,715 मीट्रिक टन और DAP का 6,903 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध
HighLights
खगड़िया में यूरिया की कालाबाजारी से किसान परेशान।
₹266 की यूरिया बोरी ₹350 में बिक रही।
किसान रेट लिस्ट और कार्रवाई की कर रहे मांग।
जागरण टीम, पीरनगरा/बेलदौर (खगड़िया)। खगड़िया जिले में मक्का और गेहूं के बाद धान की खेती मुख्य रूप से की जाती है। इस खरीफ सीजन में जिले में 37,677 हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सबसे अधिक बेलदौर प्रखंड में 10,856 हेक्टेयर का लक्ष्य है। धान की रोपाई अंतिम चरण में है और 15 से 20 दिन पहले रोपे गए पौधों में यूरिया डालने का समय आ गया है।
लेकिन, इस महत्वपूर्ण दौर में किसानों को यूरिया की भारी कालाबाजारी और मुनाफाखोरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश फैल रहा है।
₹266 की जगह विवशता में चुकाने पड़ रहे ₹350 प्रति बोरी
विभाग भले ही पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा हो, लेकिन बेलदौर प्रखंड के कई इलाकों में स्थिति भयावह है। पीरनगरा पंचायत के किसान रविंद्र यादव, हरे राम यादव, विनेश कुमार और लालो यादव ने बताया कि यूरिया की सरकारी दर ₹266 प्रति बोरी निर्धारित होने के बावजूद उन्हें विवश होकर ₹350 तक चुकाने पड़ रहे हैं। अधिक कीमत न देने पर दुकानदार साफ कह देते हैं कि स्टॉक खत्म हो गया है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि किसान खाद न मिलने के डर से दुकानदारों के नाम उजागर करने से बच रहे हैं। इसी लाचारी का फायदा उठाकर विक्रेता मनमानी दर वसूल रहे हैं।
जिला कृषि विभाग का दावा- खगड़िया में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
एक तरफ जहां किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला कृषि विभाग का दावा है कि खगड़िया में उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और जिले में किसी भी प्रकार की खाद की किल्लत नहीं है।
खगड़िया जिले में उपलब्ध खाद का आधिकारिक स्टॉक:
यूरिया: 14,715.15 मीट्रिक टन
डीएपी (DAP): 6,903.58 मीट्रिक टन
एनपीके (NPK): 7,027.85 मीट्रिक टन
एसएसपी (SSP): 2,966.53 मीट्रिक टन
एमओपी (MOP): 2,499.24 मीट्रिक टन
एफओएम (FOM): 16.56 मीट्रिक टन
किसानों ने की रेट लिस्ट टांगने और कड़ी कार्रवाई की मांग
किसानों का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद यदि उन्हें अधिक कीमत देनी पड़ रही है, तो यह सरासर प्रशासनिक लापरवाही है। किसानों ने मांग की है कि:
खबरें और भी
सभी अधिकृत खाद दुकानों पर सरकारी दर सूची (Rate List) अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।
कृषि अधिकारी दुकानों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करें।
निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।