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    खगड़िया की कसरैया धार बनेगी ईको-पर्यटन का नया केंद्र, मिला करोड़ों का बजट

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 03:56 PM (GMT+05:30)

    खगड़िया की कसरैया धार झील को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए 29.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है, जिससे ईको-पर्यटन का विकास होगा। ...और पढ़ें

    खगड़िया की कसरैया धार बनेगी ईको-पर्यटन का नया केंद्र (AI Generated Image)

    खगड़िया की कसरैया धार बनेगी ईको-पर्यटन का नया केंद्र (AI Generated Image)

    HighLights

    1. कसरैया धार को पर्यटन स्थल बनाने को मिली स्वीकृति।

    2. ईको-पर्यटन विकास के लिए 29.20 करोड़ रुपये मंजूर।

    3. स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।

    जागरण संवाददाता, खगड़िया। एनएच-31 और एनएच-107 के किनारे-किनारे गुजरने वाली कसरैया धार को पर्यटन के नक्शे पर लाने की तैयारी अब धरातल पर उतरने वाली है। मालूम हो कि कसरैया धार गंगा की उपधारा है और खगड़िया जिले के तीन प्रखंडों से होकर गुजरती है।

    कसरैया मानसी, चौथम और गोगरी प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरती है। यह रंग-बिरंगी मछलियों को लेकर विख्यात है। यहां सौ से अधिक किस्म की मछलियां पाई जाती हैं। इसके किनारे-किनारे पक्षीराज गरुड़ का बसेरा है। जो सहज ही लोगों को आकर्षित करता है।

    कसरैया धार झील के विकास का सपना अब साकार होने की दिशा में बढ़ गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में ईको पर्यटन एवं पार्क विकास योजना के तहत बेगूसराय वन प्रमंडल के अंतर्गत कसरैया धार, मानसी (खगड़िया) में ईको पर्यटन विकास कार्य के लिए 2920.73 लाख (29 करोड़ 20 लाख 73 हजार रुपये) की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

    इस स्वीकृति के बाद क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि वर्षों से उपेक्षित इस आकर्षक झील का अब कायाकल्प होगा और यह बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बनाएगी।

    इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर खगड़िया सदर के विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि कसरैया धार झील के विकास के लिए उन्होंने लगातार संघर्ष किया और विधानसभा से लेकर विभागीय स्तर तक हर मंच पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया।

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    उन्होंने कसरैया धार के विकास के लिए सर्वप्रथम बजट सत्र के दौरान तारांकित प्रश्न उठाया। इसके बाद उन्होंने शून्यकाल के दौरान कसरैया धार के विकास के लिए सरकार के समक्ष मांग रखी।

    उन्होंने बताया कि विधानसभा में इसके विकास का मामला जोरदार तरीके से रखने के बाद वन एवं पर्यावरण विभाग ने पूरे मामले में जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी नवीन कुमार ने झील के विकास से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा।

    विधायक बबलू कुमार मंडल ने बताया कि प्रस्ताव भेजे जाने के बाद उन्होंने स्वयं वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। विधायक ने विभागीय अधिकारियों एवं सर्वे टीम के साथ पटना से खगड़िया आकर कसरैया धार का स्थलीय निरीक्षण भी किया।

    निरीक्षण के दौरान झील की प्राकृतिक संरचना, पर्यटन की संभावनाओं और स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं का विस्तृत अध्ययन किया गया। विधायक ने कहा कि इस परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें संतोष है कि उनके निरंतर प्रयास रंग लाए हैं और जनता से किया गया वादा पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ा है।

    विधायक ने कहा कि कसरैया धार केवल एक झील नहीं, बल्कि खगड़िया की प्राकृतिक धरोहर है। इसकी अनुपम सुंदरता वर्षों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। ईको पर्यटन के रूप में इसके विकसित होने से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    होटल, रेस्टोरेंट, नौकायन, स्थानीय हस्तशिल्प, परिवहन, गाइड सेवा तथा अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों से बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

    सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने खगड़िया विधानसभा सहित जिले को दिए गए सौगात के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दोनों के समग्र प्रयास से खगड़िया के विकास को नए पंख लग रहे हैं और कई परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है।