खगड़ियां में अतिक्रमण पर कार्रवाई बेअसर: 5वीं बार चला बुलडोजर, फिर भी सड़क पर लगी दुकानें
महेशखूंट चौराहे पर अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की पांच बार की कार्रवाई बेअसर साबित हुई है, बुलडोजर चलने के बावजूद दुकानें अगले ही दिन फिर सज जाती है ...और पढ़ें
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HighLights
महेशखूंट में पांच बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बेअसर।
बुलडोजर चलने के बाद भी अगले दिन फिर सजती हैं दुकानें।
स्थायी समाधान के लिए वेंडिंग जोन और निगरानी की जरूरत।
संवाद सूत्र, महेशखूंट (खगड़िया)। महेशखूंट आसाम रोड चौराहा और बाजार में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन की कार्रवाई लगातार बेअसर साबित हो रही है। प्रशासन ने पांच बार बुलडोजर चलाकर सड़क किनारे से अस्थायी दुकानों और ठेलों को हटाया, लेकिन कार्रवाई खत्म होने के महज एक दिन बाद ही मुख्य सड़क और चौराहे पर फिर से दुकानें सज गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार की मुख्य सड़क पर सब्जी, फल, कपड़ा और चाय-नाश्ते की दर्जनों दुकानें लगाई जाती हैं। इससे सड़क की चौड़ाई आधी रह जाती है। स्कूल बस, एंबुलेंस और आम राहगीरों को रोज जाम का सामना करना पड़ता है। त्योहारों के समय स्थिति और भयावह हो जाती है।
प्रशासन द्वारा अब तक पांच बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा चुका है। हर बार जेसीबी से ठेले-खोमचे हटाए जाते हैं और दुकानदारों को चेतावनी दी जाती है। मगर पुलिस बल के हटते ही अतिक्रमणकारी दोबारा कब्जा जमा लेते हैं। दु
कानदारों का तर्क है कि उनके पास स्थायी जगह नहीं है और परिवार चलाने के लिए सड़क ही एकमात्र विकल्प है। चिन्हित कर किसी स्थाई जगह पर ही फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित किया जा सकता है।
इस संदर्भ में जब एसडीओ गोगरी के मोबाइल पर संपर्क किया गया तो बात नहीं हो पाई इसलिए उनका पक्ष नहीं लिखा जा रहा है वैसे प्रशासन मानती है कि कार्रवाई के बाद निरंतर निगरानी की जरूरत है। इसके लिए पुलिस को सख्त होना पड़ेगा और दोबारा कब्जा करने वालों पर जुर्माना व प्राथमिकी दर्ज करनी होगी।
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स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि जब तक वैकल्पिक वेंडिंग जोन नहीं बनता और नियमित मॉनिटरिंग नहीं होती, तब तक बुलडोजर चलाना केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। जनता को जाम से राहत तभी मिलेगी जब प्रशासन और दुकानदार दोनों स्थायी समाधान की दिशा में काम करें।