साइकिल से धार्मिक यात्रा पर निकले पश्चिम बंगाल के 3 युवा, देवघर से पुरी तक जाएंगे, कोणार्क में करेंगे सूर्यदेव की पूजा
पश्चिम बंगाल के तीन युवा साइकिल से एक महीने की धार्मिक यात्रा पर निकले हैं, जो सावन में भगवान शिव को गंगाजल चढ़ाने के लिए सुल्तानगंज से बाबाधाम, पुरी ...और पढ़ें

उत्तर दिनाजपुर के रहने वाले हैं तीनों युवा; सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ) से गंगाजल लेकर बाबाधाम में करेंगे जलाभिषेक।
HighLights
पश्चिम बंगाल के तीन युवा साइकिल से धार्मिक यात्रा पर।
सावन में बाबाधाम, पुरी, कोणार्क तक का सफर।
सीमित संसाधनों के बावजूद आस्था और दृढ़ संकल्प।
जागरण संवाददाता, किशनगंज। सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायी मिसाल सामने आई है। पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले (चोपड़ा प्रखंड, रानागुज गांव) के रहने वाले तीन युवा साइकिल से एक महीने की लंबी और कठिन धार्मिक यात्रा पर निकले हैं।
किशनगंज होकर गुजरने के दौरान इन युवाओं ने अपनी इस अनोखी यात्रा के बारे में जानकारी दी।
दुकानों में काम करते हैं युवा, सीमित साधनों के बावजूद पूरा कर रहे सपना
यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं सुरजीत दास, सुदेव सरगल और उनके साथी ने बताया कि वे साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और दुकानों में काम सीखते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद तीनों दोस्तों ने अपनी आस्था को संकल्प में बदला और साइकिल से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करने का निर्णय लिया।
सुरजीत दास ने बताया, "सावन में भगवान शिव पर गंगाजल चढ़ाना हम तीनों का वर्षों पुराना सपना था। बाबा भोलेनाथ की कृपा से इस बार यह संकल्प पूरा करने का अवसर मिला है। हम देश व समाज की सुख-शांति की कामना करेंगे।"
सुल्तानगंज से बाबाधाम, फिर पुरी से कोणार्क तक का सफर
तीन युवाओं का यह दल सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) पहुंचेगा। वहां जलाभिषेक करने के बाद इनकी यात्रा उड़ीसा की ओर बढ़ेगी:
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अजगैवीनाथ धाम से बाबाधाम: गंगाजल लेकर पहला जलाभिषेक।
श्री जगन्नाथ धाम (पुरी): भगवान जगन्नाथ के दर्शन।
लिंगराज मंदिर (भुवनेश्वर): भगवान शिव का दर्शन-पूजन।
सूर्य मंदिर (कोणार्क): विश्व प्रसिद्ध कोणार्क मंदिर तक साइकिल से ही पहुंचेंगे।
तिरंगे और धार्मिक ध्वज के साथ दिया एकता का संदेश
भगवा वस्त्र धारण किए तीनों श्रद्धालु अपनी साइकिलों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और धार्मिक पताका लगाकर रवाना हुए हैं। रास्ते में जगह-जगह स्थानीय लोग उनकी इस भक्ति, धैर्य और साहस की सराहना कर रहे हैं और सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दे रहे हैं।