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    शिलांग से फरार बांग्लादेशी महिला ने बिहार के किशनगंज में की शादी, IB की जांच में पर्दाफाश

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 02:18 PM (IST)

    किशनगंज में गिरफ्तार दो बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में आईबी जांच से कई खुलासे हुए हैं। एक महिला शिलांग से फरार होकर किशनगंज में शादी कर रही थी, जबक ...और पढ़ें

    शिलांग से फरार बांग्लादेशी महिला ने बिहार के किशनगंज में की शादी

    शिलांग से फरार बांग्लादेशी महिला ने बिहार के किशनगंज में की शादी

    HighLights

    1. शिलांग से फरार बांग्लादेशी महिला ने किशनगंज में की शादी।

    2. दूसरे बांग्लादेशी ने फर्जी आधार, पैन कार्ड बनवाए।

    3. आईबी अंतरराष्ट्रीय घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क की जांच कर रही।

    जागरण संवाददाता, किशनगंज। सदर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार दो बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में खुफिया ब्यूरो (आईबी) की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार बांग्लादेशी महिला तैय्यबा इस्लाम उर्फ तंजीला अख्तर (28) पहले शिलांग में पकड़ी जा चुकी थी।

    अदालत ने उसका पासपोर्ट जब्त कर उसे शिलांग नहीं छोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन वह आदेश की अवहेलना कर बिहार के किशनगंज पहुंची और यहां महीनगांव निवासी जाकिर हुसैन से शादी कर रहने लगी, जबकि गिरफ्तार दूसरे बांग्लादेशी नागरिक मो. हसन शेख उर्फ असनउल्ला मल (32) भारत में अवैध प्रवेश के लिए एक एजेंट को 15 हजार दिए थे।

    एजेंट ने उसे असम सेक्टर से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराई, जिसके बाद वह ट्रेन से किशनगंज पहुंचा। उसने उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भैरवा थाना क्षेत्र से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य भारतीय दस्तावेज तैयार करा लिए थे।

    आईबी के पूछताछ में यह सामने आया कि हसन शेख उर्फ असनउल्ला ओमान से कुछ माह पहले भारत लौटा था और यहां से बांग्लादेश जाने की तैयारी में था।

    भारत में उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हसन शेख नाम का इस्तेमाल किया, जबकि बांग्लादेश में उसकी पहचान असनउल्ला के नाम से है। उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

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    थाना पुलिस ने हसन शेख के साथ ही गिरफ्तार सदर थाना के महीनगांव के जाकिर हुसैन से पूछताछ की। जिसमें पता चला कि उसने बांग्लादेश की महिला से कुछ माह पूर्व निकाह कर लिया था। उसने बताया कि महिला का संपर्क उसे यात्रा के दौरान हुआ था। जिसके बाद निकाह कर ली और उसके साथ वह रहने लगी थी।

    जाकिर के ही निशानदेही पर उसकी पत्नी तैय्यबा इस्लाम उर्फ तंजीला अख्तर को महीनगांव डीलर चौक से गिरफ्तार किया। पूछताछ में तैयबा ने खुद को बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के रूपगंज थाना क्षेत्र की निवासी और बांग्लादेशी नागरिक स्वीकार किया।

    इसके बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले वह शिलांग में पकड़ी गई थी।

    उस मामले में अदालत ने उसका पासपोर्ट जब्त कर शिलांग से बाहर नहीं जाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद वह किशनगंज पहुंच गई, जिससे अदालत के आदेश की अवहेलना का मामला भी सामने आया है।

    फर्जी दस्तावेज और घुसपैठ नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही आईबी

    आईबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी भारतीय दस्तावेज किस नेटवर्क ने उपलब्ध कराए, सीमा पार कराने वाले एजेंट कौन हैं और भारत में उनके संपर्क किन लोगों से थे।

    जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस गिरोह से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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