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    16 का दूल्हा, 26 की दुल्हन: नाबालिग का अपहरण कर रचाई शादी, बिहार में महिला समेत 9 पर FIR दर्ज

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 08:26 PM (IST)

    किशनगंज में एक नाबालिग बालक का अपहरण कर 26 वर्षीय महिला से विवाह कराने के मामले में कुल 9 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। ...और पढ़ें

    नाबालिग का अपहरण कर रचाई शादी, बिहार में महिला समेत 9 पर FIR दर्ज

    नाबालिग का अपहरण कर रचाई शादी, बिहार में महिला समेत 9 पर FIR दर्ज

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    संवाद सूत्र, ठाकुरगंज (किशनगंज)। जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के संकल्प के तहत जिला प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालक का विवाह कराने के मामले में 26 वर्षीय महिला समेत कुल 09 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, जन निर्माण केंद्र द्वारा की गई जांच में यह मामला सामने आया कि सुखानी थाना क्षेत्र के एक 16 वर्षीय नाबालिग बालक का अपहरण कर जिरनगच्छ पंचायत में एक 26 वर्षीय महिला के साथ विवाह करा दिया गया।

    जांच में स्थानीय लोगों तथा नामजद अभियुक्तों की मिलीभगत से बाल विवाह संपन्न कराए जाने की पुष्टि हुई। जन निर्माण केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक मु. मुजाहिद आलम ने दोनों प्रकरणों की विस्तृत जांच रिपोर्ट अनुमंडल पदाधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अनिकेत कुमार को सौंपी।

    जांच के दौरान बालक के शैक्षणिक दस्तावेज, निकाहनामा एवं अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बालक विधिक रूप से नाबालिग है।

    आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू

    अनुमंडल पदाधिकारी ने तत्काल संबंधित थाना सुखानी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी ठाकुरगंज को आवश्यक कानूनी कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।

    इसके बाद सुखानी थाना कांड संख्या 39/26 के तहत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम,2006 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने महिला सहित कुल 9 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दिया है।

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    इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई होने के साथ गंभीर दंडनीय अपराध है। जो बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों का हनन करता है।

    उन्होंने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने अथवा उसमें शामिल होने वाले व्यक्तियों को दो वर्ष तक का कठोर कारावास तथा एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।