विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पहले मुखिया की कुर्सी गई, अब CO पर गिरी गाज, किशनगंज में गलत जाति प्रमाण पत्र मामले में मंत्री का एक्शन, FIR के आदेश

Published: Tue, 27 Oct 2026 08:49 PM (IST)

किशनगंज के ठाकुरगंज में गलत जाति प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी ओम प्रकाश भगत पर राज्य सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई की है।

अंचल अधिकारी (CO) ओम प्रकाश भगत

अंचल अधिकारी (CO) ओम प्रकाश भगत

HighLights

  1. तत्कालीन सीओ ओम प्रकाश भगत पर दंडात्मक कार्रवाई।

  2. गलत जाति प्रमाण पत्र जारी करने का गंभीर मामला।

  3. मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने दिए एफआईआर के आदेश।

संसू, ठाकुरगंज (किशनगंज)। गलत जाति प्रमाण पत्र जारी करने के गंभीर मामले में ठाकुरगंज के तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO) ओम प्रकाश भगत के विरुद्ध राज्य सरकार ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने निर्णय लेते हुए तत्कालीन सीओ की दो वेतनवृद्धियों को संचयी प्रभाव से रोकने का दंड अधिरोपित किया है।

इसके साथ ही मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिया गया है। इतना ही नहीं, इस प्रक्रिया में संलिप्त पाए गए संबंधित राजस्व अधिकारी और राजस्व कर्मचारी के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज करने व आरोप निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला और विवाद

यह पूरा मामला जेबा बख्तियार को पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि वे शेख जाति से संबंधित थीं, इसके बावजूद उन्हें नियमों के विरुद्ध पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया गया था।

इसी फर्जी या त्रुटिपूर्ण प्रमाण पत्र के आधार पर उन्होंने बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 की धारा 135 के परंतुक के तहत निर्धारित पात्रता न होने के बावजूद पिछड़े वर्गों की सूची-1 में शामिल जातियों के लिए आरक्षित मुखिया पद पर ठाकुरगंज से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी।

जेबा बख्तियार का मायका ठाकुरगंज प्रखंड की पटेशरी पंचायत के मालानी गांव में है, जबकि उनकी ससुराल दिघलबैंक प्रखंड के जागीर पदमपुर में है। वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान उन्होंने नामांकन में इसी जाति प्रमाण पत्र का उपयोग किया था।

जांच और वर्ष 2024 में बर्खास्तगी की कार्रवाई

चुनाव के दौरान उनकी प्रतिद्वंद्वी की ओर से जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामले की विधिवत सुनवाई और जांच की गई। जांच रिपोर्ट में प्रमाण पत्र को नियमानुकूल नहीं पाए जाने की पुष्टि हुई।

प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, वर्ष 2024 में जेबा बख्तियार को मुखिया पद से हटा दिया गया था। अब इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर और सख्ती बरतते हुए तत्कालीन सीओ और अन्य कर्मचारियों पर कानूनी शिकंजा कसा गया है, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया है।

यह भी पढ़ें- Well done सच‍िन! 10 साल साइकिल की दुकान पर बनाता रहा पंक्चर, अब Indian Railway में ट्रेन दौड़ाएगा मुंगेर का लाल

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।