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    किशनगंज: आशिक के साथ मिलकर पत्नी ने किया पति का कत्ल, एक फोन कॉल ने खोला हत्या का राज

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 07:19 PM (IST)

    पुलिस ने किशनगंज के बिशनपुर में रिजवान आलम हत्याकांड का 36 घंटे में खुलासा कर दिया, जिसमें मृतक की पत्नी डेजी परवीन और उसके प्रेमी अनवर हुसैन को गिरफ् ...और पढ़ें

    पुलिस ने 36 घंटे में सुलझाया किशनगंज हत्याकांड (AI Generated Image)

    पुलिस ने 36 घंटे में सुलझाया किशनगंज हत्याकांड (AI Generated Image)

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    संवाद सहयोगी, किशनगंज। जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र में 42 वर्षीय रिजवान आलम की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।

    पुलिस की वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के बाद यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि इस हत्याकांड की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी डेजी परवीन (33 वर्ष) ने अपने प्रेमी अनवर हुसैन (24 वर्ष) के साथ मिलकर रची थी।

    हत्या के बाद दोनों ने घर का सामान बिखेरकर और मोबाइल फोन गायब कर घटना को चोरी के दौरान हुई हत्या का रूप देने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की पैनी जांच के सामने उनकी पूरी साजिश बेनकाब हो गई।

    प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी अनुसंधान और सूक्ष्म जांच के आधार पर 36 घंटे के भीतर पूरे मामले का सफल उद्भेदन कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

    उन्होंने बताया कि हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड नदी से तथा घटना के बाद छिपाए गए दो मोबाइल फोन गांव की बांसबाड़ी में जमीन के अंदर से बरामद किए गए हैं। मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

    पत्नी के विरोधाभाष बयान पर पुलिस को हुआ शक

    प्रभारी एसपी ने बताया कि चार जुलाई को मृतक के पिता नजीर आलम ने बिशनपुर थाना में आवेदन देकर बताया था कि उनका पुत्र रिजवान आलम अपने घर में मृत अवस्था में पड़ा है। उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।

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    सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर एफएसएल टीम और जिला आसूचना इकाई के साथ घटनास्थल का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।

    जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतक की पत्नी डेजी परवीन लगातार चोरी की कहानी दोहरा रही थी, लेकिन उसके बयान में कई विरोधाभास थे। पुलिस को उसके हावभाव और घटनाक्रम पर संदेह हुआ।

    इसके बाद तकनीकी जांच शुरू की गई, जिसमें घटना की रात उसके मोबाइल संपर्कों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि डेजी घटना से पहले और बाद में लगातार गांव के ही युवक अनवर हुसैन से संपर्क में थी।

    प्रेम संबंध हत्या की वजह

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि अनवर हुसैन पहले मृतक के घर स्थित लाज में रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान डेजी परवीन से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। बाद में अनवर बाहर काम करने चला गया, लेकिन दोनों लगातार मोबाइल पर संपर्क में रहे।

    कुछ समय बाद रिजवान आलम को दोनों के अवैध संबंध की जानकारी हो गई। वह इसका विरोध करने लगा और पत्नी को अनवर से मिलने-जुलने से रोकने लगा। इसी कारण दोनों ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    ऐसे दिया वारदात को अंजाम

    पुलिस के अनुसार, हत्या की रात डेजी ने अपने पास रखे एक अलग मोबाइल से अनवर को फोन कर घर बुलाया। पहले से तय योजना के मुताबिक, अनवर देर रात घर पहुंचा। उस समय रिजवान अपने कमरे में गहरी नींद में सो रहा था।

    डेजी के इशारे पर अनवर कमरे में गया और लोहे के रॉड से उसके सिर पर लगातार कई वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों ने अलमारी का सामान बिखेर दिया, ताकि घटना चोरी के दौरान हत्या जैसी लगे।

    इसके बाद मृतक और डेजी के मोबाइल फोन लेकर घर से निकल गए। रास्ते में मोबाइल बंद कर उन्हें गांव की बांसबाड़ी में अलग-अलग जगह जमीन में गाड़ दिया और हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड नदी में फेंक दिया।

    तकनीकी साक्ष्यों ने खोला पूरा राज

    पुलिस ने जब मोबाइल काल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया तो पूरी साजिश सामने आ गई। इसके बाद डेजी परवीन और अनवर हुसैन से अलग-अलग पूछताछ की गई। पहले दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने टूट गए और हत्या की पूरी कहानी कबूल कर ली।

    दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने नदी से हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड तथा गांव की बांसबाड़ी में जमीन के अंदर गाड़े गए मृतक का मोबाइल और डेजी परवीन का मोबाइल बरामद कर लिया।

    पुलिस ने इस मामले में डेजी परवीन (33 वर्ष), पति स्व. रिजवान आलम, निवासी बिशनपुर तथा अनवर हुसैन (24 वर्ष), पिता मो. इस्माइल, निवासी बिशनपुर थाना क्षेत्र, जिला किशनगंज को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    इन अधिकारियों का रहा अहम योगदान

    इस हत्याकांड के सफल उद्भेदन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वन खुशरू सिराज, डीआइयू प्रभारी मुश्ताक, कोचाधामन थानाध्यक्ष इंजहार आलम, बिशनपुर थानाध्यक्ष अनिल तिवारी, सुखानी थानाध्यक्ष मन्नू कुमार, सोना कुमार, विकास कुमार, रेहान अहमद, अनूप कुमार, संजय कुमार, रवि रंजन, सुजीत कुमार, कश्यप कुमार, सुबोध कुमार मंडल,अहम भूमिका रही।