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    भारत-नेपाल बॉर्डर पर कब थमेगी घुसपैठ-तस्करी? सीमांचल में मुख्य सचिव व डीजीपी ने अधिकारियों से किए सवाल, कहा- सख्ती करें

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 07:32 PM (IST)

    गृह मंत्री के दौरे के बाद सीमांचल में भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। मुख्य सचिव और डीजीपी ने घुसपैठ, तस्करी, साइबर अपराध रोकन ...और पढ़ें

    सीमांचल में घुसपैठ-तस्करी पर नकेल, मुख्य सचिव-डीजीपी की हाई लेवल समीक्षा

    सीमांचल में घुसपैठ-तस्करी पर नकेल, मुख्य सचिव-डीजीपी की हाई लेवल समीक्षा

    जागरण संवाददाता, किशनगंज। देश के गृह मंत्री अमित शाह के हालिया दौरे के बाद सीमांचल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई है। इसी कड़ी में मंगलवार को बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित किशनगंज और अररिया के जिलों के वरीय अधिकारी तथा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य गृह मंत्री के साथ पूर्व में हुई समीक्षा बैठक के निर्देशों की प्रगति का आकलन करना था। इस दौरान सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ, तस्करी और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

    बॉर्डर पर सख्ती और निगरानी बढ़ाने के निर्देश

    मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भारत-नेपाल सीमा पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि घुसपैठ और तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सख्त निगरानी जरूरी है।

    उन्होंने विशेष रूप से ड्रग्स और नारकोटिक्स की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस को और अधिक सक्रिय होने का निर्देश दिया। साथ ही पूर्व में किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इसे और प्रभावी बनाने की जरूरत है।

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    नो-मेंस लैंड और अतिक्रमण हटाने पर जोर

    बैठक में नो-मेंस लैंड पर हो रहे अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि ऐसे अतिक्रमण को नियमित रूप से हटाया जाए और इसकी लगातार निगरानी की जाए।

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    उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्र में बने धार्मिक ढांचों को हटाने की कार्रवाई संवेदनशीलता के साथ की जाए, ताकि स्थानीय संस्कृति और भावनाओं का सम्मान बना रहे।

    नेपाल की स्थिति और बंगाल चुनाव पर भी नजर

    मुख्य सचिव ने नेपाल में हो रही समसामयिक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सभी आवश्यक कार्रवाई नियमों के तहत की जाए।

    इसके अलावा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार सीमा पर विशेष सतर्कता बरतने और हर हाल में विधि-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया।

    साइबर अपराध और मानव तस्करी पर चिंता

    पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने बैठक में कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में साइबर अपराध के मामले भी सामने आते रहते हैं। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और सूचना तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया।

    उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आम लोगों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर खुफिया जानकारी एकत्र करने पर जोर दिया। साथ ही मानव तस्करी, ड्रग्स सप्लाई चैन और नकली नोट के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    जिलों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा

    बैठक में किशनगंज और अररिया के जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और कई मामलों में कार्रवाई भी की गई है।

    मुख्य सचिव ने भारत-नेपाल सीमा पर क्षतिग्रस्त पिलरों को समय सीमा के भीतर दुरुस्त कराने का निर्देश दिया, ताकि सीमा की स्पष्ट पहचान बनी रहे और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।

    एसएसबी ने भी रखी अपनी बात

    सशस्त्र सीमा बल के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लेते हुए सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जा रही है।

    दो मई को होगी उच्चस्तरीय समीक्षा

    उल्लेखनीय है कि आगामी दो मई को गृह मंत्री स्तर पर सीमांचल क्षेत्र की गतिविधियों को लेकर दिल्ली में समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तर पर यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई है, ताकि अब तक की गई कार्रवाई का आकलन किया जा सके।

    कई वरीय अधिकारी रहे मौजूद

    बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, डीजी विशेष शाखा कुंदन कृष्णन, गृह विभाग की विशेष सचिव सुहिता अनुपम, प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार, आईजी विवेकानंद, डीएम किशनगंज विशाल राज, डीएम अररिया विनोद दुहन, एसपी किशनगंज संतोष कुमार, एसपी अररिया जितेंद्र कुमार सहित एसएसबी के आईजी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    प्रशासन पूरी तरह सतर्क

    सीमांचल क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। घुसपैठ, तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इन निर्देशों का कितना प्रभाव पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।