भारत-नेपाल सीमा पर SSB DIG का बड़ा फैसला : रोटी-बेटी का रिश्ता अपनी जगह, तस्करों को किसी कीमत पर नहीं बख्शेंगे
एसएसबी सिलीगुड़ी फ्रंटियर के डीआईजी राजीव राणा ने किशनगंज में भारत-नेपाल सीमा चौकियों का निरीक्षण किया, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्हो ...और पढ़ें

सीमा पर परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर! एसएसबी डीआईजी का कड़ा निर्देश- राष्ट्रविरोधियों और तस्करों पर तुरंत लें एक्शन
HighLights
डीआईजी राजीव राणा ने भारत-नेपाल सीमा का निरीक्षण किया।
जवानों को हर परिस्थिति में अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।
संवाद सूत्र, दिघलबैंक (किशनगंज)। SSB DIG Inspection on India Nepal Border: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को एसएसबी सिलीगुड़ी फ्रंटियर के डीआईजी राजीव राणा ने 12वीं वाहिनी के कमांडेंट स्वर्णजीत शर्मा के साथ दिघलबैंक एवं मोहमारी क्षेत्र की सीमा चौकियों का सघन निरीक्षण किया।
हर परिस्थिति में अलर्ट रहने का दिया कड़ा संदेश
इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने सीमा पर तैनात जवानों की कार्यप्रणाली, सुरक्षा प्रबंधन और परिचालन तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात बल को हर परिस्थिति में पूरी तरह से चौकस और अलर्ट रहने का कड़ा संदेश दिया।
संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल एक्शन लेने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने सीमा पर मुस्तैद जवानों के साथ सीधा संवाद कर सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सीमा की सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जवानों को अपनी सतर्कता और अनुशासन बनाए रखते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी।
रोटी-बेटी का रिश्ता सर्वोपरि, लेकिन तस्करों पर नो टॉलरेंस
डीआईजी राजीव राणा ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच वर्षों पुराना 'रोटी-बेटी' का रिश्ता दोनों देशों की सांस्कृतिक पहचान है। इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों के आम नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रिश्ते की आड़ में असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।
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राष्ट्रविरोधी ताकतों पर पैनी नजर रखने का आदेश
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि या सीमा पार से होने वाली तस्करी को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाए। ऐसे संदिग्ध तत्वों पर लगातार पैनी नजर रखते हुए सीमा पर निगरानी और गश्त (पेट्रोलिंग) को और अधिक प्रभावी और तेज बनाने का सख्त निर्देश दिया गया।
जवानों की बुनियादी जरूरतों और व्यवस्थाओं को टटोला
डीआईजी ने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में तैनात प्रत्येक जवान देश की पहली सुरक्षा पंक्ति है। उन्होंने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कर्तव्यों के निर्वहन का आह्वान किया। इस दौरान सीमा पर तैनात जवानों से उनकी आवश्यकताओं और परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई।